केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का नया प्लान तैयार, 1 लाख करोड़ से इन शहरों को मिलेगी नई उड़ान

 
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का नया प्लान तैयार, 1 लाख करोड़ इन शहरों को मिलेगी नई उड़ान
Naya Haryana : हरियाणा समेत देश के समस्त राज्यों के वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा समेत देश के समस्त राज्यों में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने शहरी चुनौती कोष (अर्बन चैलेंज फंड) और क्रेडिट रिपमेंट गारंटी सब-स्कीम (CRGSS) की शुरुआत की है।

जानकारी के मुताबिक, एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष के साथ चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें विशेष फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय शहरी, ऊर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल द्वारा लांच किए गए शहरी चुनौती कोष को शहरों के बुनियादी ढांचे के वित्त पोषण में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कोष के जरिये नगर निकायों को म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पीपीपी के माध्यम से संसाधन जुटाने का अवसर मिलेगा।

साथ ही, CRGSS के माध्यम से छोटे शहरों को क्रेडिट गारंटी का सहारा मिलेगा, जिससे वे भी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भागीदारी कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि जुड़े। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता वाले इस फंड के माध्यम से केंद्र सरकार चार लाख करोड़ तक के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह फंड पारंपरिक अनुदान प्रणाली से आगे बढ़कर निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण होगा। अब शहरों को केवल फंड देने की बजाय उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत, जवाबदेह और निवेश के लिए तैयार बनाना केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य है। Haryana News

केंद्रीय मंत्री के अनुसार ‘विकसित भारत 2047’ का सपना इन्हीं शहरों की मजबूती पर निर्भर करता है। कोष की खास बात यह है कि इसमें केंद्रीय सहायता परियोजना लागत के अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित रहेगी, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत फंड म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए जुटाया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, इससे न केवल वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित होगा बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल आवंटन में से 90 हजार करोड़ रुपये परियोजनाओं के लिए, पांच हजार करोड़ रुपये परियोजना की तैयारी और क्षमता निर्माण के लिए और पांच हजार करोड़ रुपये क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी उप-योजना के लिए निर्धारित किए गए हैं। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, शहरी चुनौती कोष शहरों में परिवर्तनकारी परियोजनाओं को बढ़ावा देगा, जिनमें पुराने शहरों और बाजारों का पुनर्विकास, शहरी परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, गैर-मोटर चालित परिवहन, जल और स्वच्छता ढांचा तथा जलवायु-लचीला विकास शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत केवल वही परियोजनाएं प्राथमिकता में होंगी जो स्केलेबल, प्रभावशाली और वित्तीय रूप से व्यवहार्य (बैंक योग्य) हों, ताकि उनका दीर्घकालिक असर दिखाई दे। इस योजना का प्रमुख स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि निकायों को अपनी वित्तीय क्षमता मजबूत करने, सुधार लागू करने और बाजार आधारित फंडिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी ‘शहरी चुनौती कोष’ वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य भारत के शहरों को नए आर्थिक विकास केंद्रों और भविष्य के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करना है।