केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण सिंगापुर के नेतृत्वकर्ताओं और वहां की व्यावसायिक कंपनियों के सीईओ के साथ उच्चस्तरीय बैठक के लिए सिंगापुर के दौरे पर जाएंगी
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण हेज फंड और पोर्टफोलियो फंड प्रबंधकों के साथ बिजनेस राउंडटेबल में भाग लेंगी
प्रविष्टि तिथि: 09 OCT 2026 7:46AM by PIB Delhi
केन्द्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण 9 से 11 अक्टूबर, 2026 तक सिंगापुर की आधिकारिक यात्रा पर रहेंग। इस आधिकारिक यात्रा के दौरान, वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण सिंगापुर के नेतृत्वकर्ताओं, बिजनेस एवं निवेश जगत के वरिष्ठ सदस्यों तथा वैश्विक संस्थागत निवेशकों के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकों और चर्चाओं में भाग लेंगी।

इस यात्रा के दौरान, श्रीमती सीतारमण सिंगापुर के राष्ट्रपति महामहिम श्री थरमन शनमुगरत्नम, सिंगापुर के प्रधानमंत्री महामहिम श्री लॉरेंस वोंग, सिंगापुर के उ-प्रधानमंत्री श्री गन किम योंग तथा सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालकृष्णन से मुलाकात करेंगी।
इन बैठकों में भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी और भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय राउंडटेबल सम्मेलन(आईएसएमआर) के निष्कर्षों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें व्यापार एवं निवेश, डिजिटल वित्तीय कनेक्टिविटी, पूंजी बाजार, कराधान, सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, कौशल विकास और विमानन जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत है। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के दौरान सिंगापुर से भारत में कुल लगभग 194.68 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। सिंगापुर के संस्थागत निवेशकों, जिनमें जीआईसी और टेमासेक शामिल हैं, का भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश है।
सिंगापुर के निवेशक समुदाय के साथ अपनी बैठकों के दौरान, केन्द्रीय वित्त मंत्री सिंगापुर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख निवेशकों, वित्तीय संस्थानों तथा उद्योग जगत के नेताओं के साथ हेज फंड और पोर्टफोलियो फंड प्रबंधकों के साथ राउंडटेबल बैठक तथा सरकार-से-बिजनेस(जी2बी) बैठकों की एक श्रृंखला के माध्यम से बात-चीत करेंगी। इस बात-चीत से भारत की विकास यात्रा, निवेश के अवसरों तथा बदलते वैश्विक आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य पर प्रमुख वैश्विक निवेशकों के साथ विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा।
वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण वरिष्ठ उद्योगपतियों तथा प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों, निवेश कंपनियों और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक-एक करके(वन-टू-वन) कई बैठकें भी करेंगी। इन बैठकों में निम्नलिखित संस्थानों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों(सीईओ) के साथ बैठक शामिल होंगी: गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन(जीआईसी), टेमासेक होल्डिंग्स(प्राइवेट) लिमिटेड (टेमासेक), डीबीएस बैंक लिमिटेड(डीबीएस), स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट(बीआईआई), आईएचएच हेल्थकेयर बरहाद(आईएचएच), मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप इंक.(एमयूएफजी) के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रतिनिधि, बी कैपिटल और एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स। इसके अलावा, स्कैंडिनेविस्का एनस्किल्डा बैंकन एबी(एसईबी) की अध्यक्ष, मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड के निदेशक मंडल के निदेशक तथा टीपीजी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं संस्थापक साझेदार के साथ भी बैठक करेंगी।
राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष(एनआईआईएफ) और गिफ्ट सिटी जैसे प्लेटफॉर्म निवेश माध्यमों और फंडों के जरिए सिंगापुर की पूंजी की अधिक भागीदारी के अवसर उपलब्ध करा सकते हैं।
वित्त मंत्रालय, संबंधित मंत्रालयों और उद्योग संगठनों के समन्वय से, इच्छुक सिंगापुर के निवेशकों और भारतीय कंपनियों, वित्तीय संस्थानों तथा राज्य सरकारों के बीच संपर्क स्थापित करने में सहायता करेगा, और साथ ही, चिह्नित निवेश अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी प्रदान करेगा।
यह यात्रा सिंगापुर के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें विशेष रूप से मजबूत राजनीतिक संबंधों का लाभ उठाकर अधिक-से-अधिक निवेश, व्यापारिक साझेदारियों और ठोस आर्थिक परिणामों को बढ़ावा देने पर ध्यान देना है।
