डीजीपी नवदीप सिंह विर्क के नेतृत्व में सभी 22 जिलों में अभियान शुरू, थाना प्रभारियों को दिए सख्त निर्देश
चंडीगढ़, 17 जुलाई - हरियाणा राज्य में बिजली चोरी के मामलों में लंबित जुर्माना राशि की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक श्री नवदीप सिंह विर्क ने सभी 22 जिलों के प्रवर्तन ब्यूरो थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने राज्यभर में 45 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर बिजली चोरी के मामलों में लंबित लगभग 56 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है।
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थानों के अभिलेखों एवं केस डायरी का गहन परीक्षण कर ऐसे सभी मामलों की सूची तत्काल तैयार करें, जिनमें एक लाख रुपये या उससे अधिक की जुर्माना राशि लंबित है। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी स्वयं निगरानी करते हुए बकाया जुर्माना राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करें तथा अभियान की नियमित समीक्षा करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अभियान की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट तथा वसूल की गई जुर्माना राशि का विवरण प्रत्येक सोमवार को पुलिस अधीक्षक, प्रवर्तन मुख्यालय, शक्ति भवन को अनिवार्य रूप से भेजा जाए।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो राज्य के सभी 22 प्रवर्तन थानों के माध्यम से चौबीसों घंटे कार्यरत है। ब्यूरो का प्रमुख दायित्व बिजली चोरी, पानी चोरी, अवैध खनन, अवैध शराब के कारोबार तथा अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
डीजीपी श्री नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि बिजली चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय अपराध भी है। बिजली उत्पादन में जल और कोयले जैसे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग होता है। ऐसे में बिजली चोरी प्राकृतिक संसाधनों के अनावश्यक दोहन को बढ़ावा देती है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वर्तमान परिस्थितियों में बिजली की चोरी रोकना और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना प्रकृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि प्रवर्तन ब्यूरो समय-समय पर बिजली चोरी की रोकथाम एवं ऊर्जा संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाता है, ताकि आमजन की सहभागिता से बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
