हरियाणा के जॉब सिक्योरिटी कानून और नियमों को CET पास दो युवकों ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

 
हरियाणा के जॉब सिक्योरिटी कानून और नियमों को CET पास दो युवकों ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

चंडीगढ़, 04 नवंबर : हरियाणा सरकार के जॉब सिक्योरिटी कानून और नियमों को CET पास दो युवकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। खंडपीठ ने सुनवाई की तारीख 02.02.2027 तय की है। हरियाणा सरकार ने पांच साल तक की सर्विस वाले अस्थायी कर्मचारियों को 58 वर्ष तक सर्विस की सुरक्षा देने के लिए 15.08.2024 को कानून अधिसूचित किया था। यह अध्यादेश के रूप में था। 

बाद में विधानसभा में विधेयक पारित कराकर इसे स्थायी कानून बनाया गया। सरकार ने एक साल बाद नियम अधिसूचित किए और सबसे आखिर में 01.09.2026 को निर्देश जारी कर अतिरिक्त पद (super-numerary posts) सृजित करने का तरीका बताया था। इसी पत्र को आधार बनाकर याचिकाकर्ताओं ने इस कानून, नियमों और निर्देशों को चुनौती दी है।

और अधिकारियों ने तेज कर दी जॉब सिक्योरिटी देने की प्रक्रिया

हरियाणा सरकार ने जॉब सिक्योरिटी देने के लिए 21 नवंबर, 2026 तक का समय निर्धारित किया हुआ है। पहले HoD स्तर पर वेरिफिकेशन में देरी हो रही थी मगर अब यह काम तेजी से हो रहा है। मगर वित्त विभाग में अतिरिक्त पद सृजित करने के लिए भेजे जाने वाले प्रस्ताव अभी धीमी गति से चल रहे हैं। वित्त विभाग की तरफ से पद सृजित करने की प्रक्रिया ढीली चल रही है। जॉब सिक्योरिटी के लिए 03.11.2026 तक 88421 कर्मचारियों ने जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर लॉगिन किया था। 

मगर 64737 कर्मचारी ही आवेदन कर सके हैं। इनमें से DDOs ने 59797 कर्मचारियों का डाटा वेरिफाई कर दिया है। इनमें से HoDs ने 46599 कर्मचारियों का डाटा वेरिफाई कर दिया है। मगर 19 विभागों के HoDs ने वित्त विभाग को 8867 पद सृजित करने के प्रस्ताव भेजे हैं। वित्त विभाग ने सिर्फ 12 विभागों के 501 पदों को ही मंजूरी दी है। यानी 501 कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी मिलना तय हो गया है।

याचिकाकर्ताओं ने मानव संसाधन विभाग के निर्देशों का हवाला देकर दी है कानून को चुनौती

सीईटी पास गुरदीप और अंकित ने याचिका में मानव संसाधन विभाग के निर्देशों का हवाला देकर कानून को चुनौती दी है। उन्होंने याचिका में लिखा है, 'हरियाणा सरकार, मानव संसाधन विभाग ने सेवा सुरक्षा नियम 2025 के नियम 5 और 6 के अनुसार पात्र सुरक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू करने के लिए सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों को दिनांक 01.09.2026 को निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश अनुबंध के तहत पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के लाभ प्रदान करने हेतु अतिरिक्त पदों के सृजन के संबंध में हैं। 

साल 2022 में हरियाणा सरकार ने 28.09.2021 के निर्देशों के तहत आउटसोर्सिंग पॉलिसी के जरिए कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखना बंद कर दिया था। हरियाणा राज्य द्वारा आउटसोर्सिंग पॉलिसी खत्म करने पर सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के जरिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए लोगों को तैनात करने के लिए 01.04.2022 से लागू 'डिप्लॉयमेंट ऑफ कॉन्ट्रैक्चुअल पर्संस पॉलिसी, 2022' नाम की एक पॉलिसी बनाई है।

आउटसोर्सिंग पॉलिसी खत्म करने के बाद हरियाणा सरकार के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में काम कर रहे कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों को पॉलिसी, 2022 के तहत ट्रांसफर कर दिया गया है। हरियाणा सरकार ने प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट पर आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत रखे गए सभी कर्मचारियों को बिना किसी सिलेक्शन प्रोसेस के हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के तहत तैनात कर दिया है। इतना ही नहीं, हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के तहत डिप्लॉयमेंट का क्राइटेरिया भी ओपन कॉम्पिटिशन पर आधारित नहीं है। इस प्रकार HKRNL के तहत चयन प्रक्रिया भी मनमानी है। 

हरियाणा कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई (सिक्योरिटी ऑफ सर्विसेज) एक्ट, 2024 और रूल्स, 2025 के तहत रखे गए सभी कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई को सही प्रोसेस या मेरिट के आधार पर अपॉइंट नहीं किया गया है। हरियाणा कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई (सिक्योरिटी ऑफ सर्विसेज) एक्ट, 2024 और रूल्स, 2025 के तहत रखे गए कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई की अपॉइंटमेंट सरकारी नौकरी में बैक डोर एंट्री है जो मनमानी और गैर-कानूनी है। इसलिए यह याचिका दायर की गई है।