हरियाणा सरकार ने बदले ये सभी नियम, विदेश में अब ट्रैवल एजेंट नहीं दिला सकेंगे नौकरी
मिली जानकारी के अनुसार, मंत्रालय का कहना था कि इस कानून के कुछ नियम उत्प्रवास अधिनियम, 1983 से टकरा रहे हैं। यानी विदेश में नौकरी के लिए लोगों को भेजने से जुड़े नियम पहले से ही केंद्र के कानून में तय हैं, और राज्य का कानून उससे ओवरलैप कर रहा था। अब ट्रैवल एजेंट सिर्फ यात्रा से जुड़े काम ही करेंगे। विदेश में नौकरी दिलाने का काम पूरी तरह केंद्र सरकार के कानून के तहत ही होगा और ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। Haryana News
अब क्या बदला गया
जानकारी के मुताबिक, सरकार ने मार्च के विधानसभा सेशन में संशोधन बिल लाकर ये बदलाव किए हैं। इस संशोधन के तहत ‘प्रवासी’ की परिभाषा बदली गई है। अब इसमें विदेश में नौकरी के लिए जाने वाले लोग शामिल नहीं होंगे (यह केंद्र के कानून के तहत आएगा)। ‘ट्रैवल एजेंट’ की परिभाषा सीमित की गई। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, अब एजेंट विदेश में नौकरी दिलाने या भर्ती से जुड़ा काम नहीं कर सकेंगे। केंद्र के कानून को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर राज्य और केंद्र के कानून में टकराव होगा, तो केंद्र का कानून ही लागू होगा।
कब लागू हुआ
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा विधानसभा से मार्च 2026 में इसे पास किया गया। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए 10 अप्रैल को राज्यपाल के पास भेजा गया। 4 मई को इस संशोधित बिल की अधिसूचना जारी की गई। हालांकि इसमें एक बड़ा पेंच यह है कि कानून तो लागू हो गया है, लेकिन इसके नियम अभी जारी नहीं हुए हैं। सरकार का कहना है कि ये जल्द अधिसूचित कर दिए जाएंगे। Haryana News
क्यों जरूरी है
मिली जानकारी के अनुसार, इस कानून में सख्त प्रावधान रखे गए हैं, ताकि लोगों को ठगी से बचाया जा सकेगा। धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंट की संपत्ति जब्त हो सकती है। पीड़ित को मुआवजा दिलाने का प्रावधान भी किया गया है। मानव तस्करी या फर्जी दस्तावेज पर 7 से 10 साल तक की जेल, 2 से 5 लाख रुपए तक जुर्माना। बिना रजिस्ट्रेशन एजेंट बनने पर 2 से 7 साल तक की सजा का भी प्रावधान किया गया है। Haryana News
कैसे करेंगे शिकायत
जानकारी के मुताबिक, सबसे अहम बात यह है कि अब इस कानून में लोकपाल की एंट्री हो गई है। इसमें लोकपाल का प्रावधान रखा गया है। कोई भी पीड़ित सीधे लोकपाल के पास शिकायत कर सकता है, जो इस पूरे मामले पर सुनवाई करेगा और आम लोगों को राहत दिलाएगा। जरूरत पड़ने पर ही मामला पुलिस को भेजा जाएगा।
