सुपर-100 का कमाल: हरियाणा के 91 सरकारी स्कूल छात्रों ने पास की JEE Advanced 

Jee Advanced Result 2026: हरियाणा सरकार की सुपर-100 योजना ने एक बार फिर शानदार परिणाम देकर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की प्रतिभा को साबित किया है। इस वर्ष JEE Advanced परीक्षा में योजना के 206 छात्रों में से 91 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। इनमें 34 छात्राएं भी शामिल हैं। अधिकांश सफल छात्र गरीब, सीमांत किसान परिवारों तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से आते हैं।
 
सुपर-100 का कमाल: हरियाणा के 91 सरकारी स्कूल छात्रों ने पास की JEE Advanced 
 

Jee Advanced Result 2026: हरियाणा सरकार की सुपर-100 योजना ने एक बार फिर शानदार परिणाम देकर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की प्रतिभा को साबित किया है। इस वर्ष JEE Advanced परीक्षा में योजना के 206 छात्रों में से 91 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। इनमें 34 छात्राएं भी शामिल हैं। अधिकांश सफल छात्र गरीब, सीमांत किसान परिवारों तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से आते हैं।

 

सिरसा जिले के खरियां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र आदित्य कसानिया की सफलता सबसे चर्चित रही। सीमांत किसान के बेटे आदित्य के पास महंगी कोचिंग लेने के साधन नहीं थे, लेकिन सुपर-100 कार्यक्रम से जुड़ने के बाद उन्होंने JEE Advanced में GEN-EWS श्रेणी में 245वीं रैंक हासिल की। आदित्य का सपना कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनने का है और वह IIT में दाखिले की तैयारी कर रहे हैं।

 

वहीं हिसार की साक्षी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए GEN-EWS श्रेणी में 332वीं रैंक प्राप्त की। साक्षी ने 10वीं कक्षा में 94 प्रतिशत से अधिक और 12वीं में 90.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अब वह IIT रुड़की, IIT खड़गपुर या IIT मद्रास में प्रवेश पाने की उम्मीद कर रही हैं। हिसार के ही आर्यन चाहल ने भी सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता प्राप्त की है। उनके पिता केवल तीन एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। आर्यन की उपलब्धि ने साबित कर दिया कि मेहनत और सही मार्गदर्शन मिलने पर आर्थिक स्थिति सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।

44 प्रतिशत से ज्यादा रहा सफलता प्रतिशत

सुपर-100 योजना के 206 छात्रों ने JEE Advanced परीक्षा दी थी, जिनमें से 91 सफल रहे। सफल छात्रों में हिसार के 16, फतेहाबाद के 9, फरीदाबाद और जींद के 8-8 तथा कैथल के 7 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 30 छात्र ओबीसी और 37 छात्र अनुसूचित जाति वर्ग से हैं।

IIT दिल्ली के पूर्व छात्र ने शुरू किया था मिशन

इस कार्यक्रम के पीछे IIT दिल्ली के पूर्व छात्र और शिक्षाविद् नवीन मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने वर्ष 2018 में रेवाड़ी से इस पहल की शुरुआत की थी। मिश्रा के अनुसार अब तक सुपर-100 के 103 छात्र विभिन्न IITs, 97 छात्र NITs और 37 अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा 60 विद्यार्थी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की पढ़ाई भी कर रहे हैं।

नवीन मिश्रा अपने सहयोगियों राजन गुंडाल और प्रदीप संसानवाल के साथ मिलकर इस योजना का संचालन कर रहे हैं। टीम अपने संसाधनों से कोचिंग और शिक्षण की व्यवस्था करती है, जबकि राज्य सरकार चयनित छात्रों को छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराती है।

पूर्व छात्र अब बने शिक्षक

कार्यक्रम की एक खास उपलब्धि यह भी है कि कभी इसी योजना में पढ़ चुकीं ऋतु और अंजू अब शिक्षक के रूप में छात्रों को पढ़ा रही हैं। वर्तमान में सात IIT स्नातक फैकल्टी सदस्य विद्यार्थियों को JEE की तैयारी करा रहे हैं।