दहेज मांगने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई, शिकायत मिलते ही प्रशासन करेगा तुरंत एक्शन
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने दिए निर्देश -जागरूकता बढ़ाने के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी
झज्जर, 07 मई। जिला प्रशासन दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अब शिकायत मिलने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करेगा। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने स्पष्ट किया कि दहेज मांगने, लेने या देने से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का दबाव किसी पक्ष पर न हो इसका विशेष ध्यान रखें। डीसी मुख्य सचिव हरियाणा की वीसी उपरांत संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश दे रहे थे।
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत दहेज लेना, देना या इसके लिए उकसाना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना में जिला स्तर पर दहेज निषेध अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है, ताकि मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित हो सके।
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि दहेज मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और आमजन को इस संबंध में अधिक से अधिक जागरूक किया जाए।
उन्होंने बताया कि दहेज से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत पीड़ित महिला या उसके परिजन जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, जिला के सभी एसडीएम को दहेज निषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है, जहां भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
डीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दहेज से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दहेज न केवल एक सामाजिक कुप्रथा है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और पंचायत विभाग के सहयोग से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए ताकि समाज में इस कुप्रथा के खिलाफ मजबूत माहौल तैयार किया जा सके।
इस अवसर पर सीटीएम रितु बंसीवाल, सीएमजीजीए खुशी कौशल,डीपीओ सपना होलकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
