नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव
अनियमितताएं पाए जाने पर 966 ड्रग सेल लाइसेंस, 12 मैन्युफैक्चरिंग/ब्लड सेंटर लाइसेंस निलंबित
चंडीगढ़ ,6 नवंबर
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग को नकली दवा बेचने तथा बनाने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर की गई कार्रवाई के दौरान 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 की अवधि के दौरान ड्रग विंग द्वारा गहन निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसके तहत कुल 13,590 बिक्री इकाइयों तथा 423 निर्माण इकाइयों की जांच की गई। नियमों में ढिलाई और अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कदम उठाते हुए 966 ड्रग सेल लाइसेंस, 12 मैन्युफैक्चरिंग/ब्लड सेंटर लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 15 लाइसेंसों को पूरी तरह रद्द और 5 को आंशिक रूप से रद्द किया गया। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने के लिए इस अवधि में 2,389 सैंपल एकत्र किए गए, जिनमें से 2,189 सैंपल की जांच पूरी हो चुकी है और इनमें 11 सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए 64 मामलों में अभियोजन दर्ज कराया गया, जबकि अदालत में विचाराधीन 15 मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 8 में सजा और 7 में बरी का फैसला आया। फिलहाल 462 मामले अदालत में लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस और एफडीए अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के तहत 376 संयुक्त छापेमारी ) की गई, जिसमें एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के तहत 2 और एमटीपी अधिनियम (MTP Act) के तहत 4 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि एफडीए की टीम ने अप्रैल 2026 में लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के नकली वजन घटाने और मधुमेह नियंत्रण के टीकों (नकली 'मौनजारो' इंजेक्शन) को जब्त किया गया। वहीं जुलाई 2026 में एफडीए गुरुग्राम की टीम ने बीपी की नकली दवा 'टेल्मा-एएम' बनाने और बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। इसी कड़ी में 28 जुलाई 2026 को एफडीए फरीदाबाद की टीम ने एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नकली प्रोपलीन ग्लाइकोल की बड़ी खेप जब्त की। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य मानकों को बढ़ावा देने के लिए 2,675 रिटेल/होलसेल सेल लाइसेंस और 20 मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस जारी किए गए, 14 चिकित्सा संस्थानों को मान्यता दी गई तथा 2 निर्माण इकाइयों को WHO-GMP स्तर में अपग्रेड किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। बाजार में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक नागरिक को शुद्ध, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
