हरियाणा में बनेगा खिलौना उद्योग के लिए विशेष क्लस्टर : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
ऑटोमोबाइल, डिफेंस, एयरोस्पेस, टैक्सटाइल आदि सेक्टर्स के हितधारकों ने नई उद्योग नीति के प्रावधानों में दिखाई रुचि और दिए प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा, नई उद्योग नीति से प्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई ऊंचाई और युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हरियाणा की नई उद्योग नीति 2026 के फाइनल ड्राफ्ट को लेकर दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने भाग लिया। करीब 40 प्रतिनिधिमंडलों ने नीति के प्रावधानों की सराहना करते हुए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिन्हें नई नीति में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पिछले साढ़े 11 वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं और हरियाणा इस राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ ‘विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति 2026 को अंतिम रूप देने से पहले हितधारकों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों को नीति में शामिल किया गया है।
बैठक में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, एयरोस्पेस, डिफेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में निवेश के प्रति विशेष रुचि दिखाई और कई प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण हरियाणा देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है।
नई उद्योग नीति की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर जिले में निवेश पहुंचे, जिससे संतुलित औद्योगिक विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और हरियाणा के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों का बहुमूल्य सुझाव देने के लिए आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि नई नीति राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को और सशक्त बनाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली व चीफ कॉर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा भी उपस्थित रहे।
