हॉटस्पॉट क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों के आसपास चलाएं विशेष चेकिंग अभियान : उपायुक्त महेंद्र पाल

 
हॉटस्पॉट क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों के आसपास चलाएं विशेष चेकिंग अभियान : उपायुक्त महेंद्र पाल

 हिसार में एक माह में नशा तस्करी के 25 मामले दर्ज, 40 आरोपी गिरफ्तार
हिसार, 

जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ आमजन को जागरूक करना भी जरूरी है। अधिकारी नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखें तथा नशे की सप्लाई करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
यह निर्देश उपायुक्त महेंद्र पाल ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित वीसी हॉल में आयोजित एनकॉर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को दिए। बैठक में पुलिस विभाग ने सितंबर माह में एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के अनुसार एक महीने में नशा तस्करी के 25 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 2 कमर्शियल क्वांटिटी और 23 मीडियम क्वांटिटी के मामले शामिल हैं। इस दौरान पुलिस ने 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 1 किलो 508 ग्राम अफीम, 320 ग्राम चरस/सुल्फा, 119 किलो 331 ग्राम गांजा, 249 ग्राम 770 मिलीग्राम हेरोइन तथा अल्प्राजोलम की 11,700 नशीली गोलियां बरामद कीं। इसके अलावा ड्रग तस्करों की 12 लाख 40 हजार 597 रुपये की संपत्ति अटैच की गई है, जबकि 24 लाख 37 हजार 253 रुपये की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया जारी है। इस प्रकार कुल 36 लाख 77 हजार 850 रुपये की संपत्ति के संबंध में कार्रवाई की गई है। वहीं पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत 5 प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 2,686 टीम विजिट की जा चुकी हैं और 2 लाख 21 हजार 155 लोगों को जागरूक किया गया है। अभियान के दौरान 2,751 नशा पीड़ितों की पहचान की गई, जिनमें से 1,488 को दवाई दी गई। इसके अलावा 53 नशा मुक्ति शिविर लगाए गए तथा 604 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने 403 नशा तस्करों की पहचान भी की है, जबकि 182 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया गया है। जिले में अब तक 101 गांवों और 4 वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफीम, गांजा, हेरोइन, कोकीन सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले ड्रग पैडलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नशे की बिक्री और सप्लाई पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाएं। शिक्षण संस्थानों के आसपास भी निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में जागरूकता गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी जाए। विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर आयोजित कर युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए। नशे की लत से पीड़ित लोगों को उचित उपचार और परामर्श उपलब्ध करवाने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में विशेषज्ञों की मदद ली जाए, ताकि उन्हें नशे से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, एएसपी मयंक मुदगिल, डीडीपीओ नरेंद्र कुमार सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, डीआरडीए और जिला परिषद के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।