घर में चल रहा था लिंग जांच का गोरखधंधा, महिला बिचौलिया समेत दो गिरफ्तार

गुरुग्राम:गुरुग्राम ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में संचालित एक अवैध भ्रूण लिंग जांच (सेक्स डिटरमिनेशन) गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में एक महिला बिचौलिया और अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। गुरुग्राम के सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर सिंह ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी और चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश कुमार को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण का लिंग पता लगाने के लिए बिजनौर ले जाया जाता था।
 
घर में चल रहा था लिंग जांच का गोरखधंधा, महिला बिचौलिया समेत दो गिरफ्तार
 

गुरुग्राम: गुरुग्राम ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में संचालित एक अवैध भ्रूण लिंग जांच (सेक्स डिटरमिनेशन) गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में एक महिला बिचौलिया और अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। गुरुग्राम के सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर सिंह ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी और चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश कुमार को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण का लिंग पता लगाने के लिए बिजनौर ले जाया जाता था।

25 से 40 हजार रुपये वसूले जाते थे

जांच में सामने आया कि रेणु नामक महिला बिचौलिया इस अवैध काम के लिए गर्भवती महिलाओं से 25 हजार से 40 हजार रुपये तक वसूलती थी। सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया और एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक (फर्जी ग्राहक) बनाकर गिरोह तक पहुंच बनाई। रेणु ने भ्रूण लिंग जांच के लिए 25 हजार रुपये की मांग की। एडवांस राशि ऑनलाइन लेने के बाद वह महिला को नई दिल्ली से बिजनौर लेकर गई।

घर में पोर्टेबल मशीन से हो रही थी जांच

छापेमारी के दौरान पता चला कि बिजनौर के एक निजी मकान में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए अवैध रूप से भ्रूण का लिंग बताया जा रहा था। इसके बाद गुरुग्राम और बिजनौर स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान महिला बिचौलिया रेणु और अल्ट्रासाउंड संचालक मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि मनोज कुमार के पास अल्ट्रासाउंड करने की कानूनी योग्यता नहीं थी।

पुलिस को सौंपे गए आरोपी

छापेमारी के बाद स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया और दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया।

भ्रूण हत्या और लिंग जांच के खिलाफ अभियान जारी

सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर सिंह ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बेटियों के अधिकारों की रक्षा और लिंगानुपात सुधारने के लिए ऐसे अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।