जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने भोंडसी जिला कारागार का किया निरीक्षण

जेल लोक अदालत का आयोजन, बंदियों की समस्याएं सुनकर दिए आवश्यक निर्देश, कारागार परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
 
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने भोंडसी जिला कारागार का किया निरीक्षण

गुरुग्राम, 05 अगस्त- जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने बुधवार को जिला कारागार, भोंडसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल लोक अदालत में मामलों की सुनवाई की, बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके उपरांत उन्होंने कारागार परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

निरीक्षण के दौरान निशा ने जेल की विभिन्न बैरकों, रसोईघर, अस्पताल, विधिक सहायता क्लिनिक, मुलाकात कक्ष तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके लंबित न्यायिक मामलों, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी बंदियों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनकी वास्तविक शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कारागार परिसर में संचालित विधिक सहायता क्लिनिक का भी निरीक्षण किया तथा बंदियों को प्रदान की जा रही निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बंदी को समय पर निःशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वालंटियर्स को नियमित रूप से बंदियों से संवाद स्थापित कर उनकी विधिक आवश्यकताओं का आकलन करने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत जिला कारागार परिसर में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य समझौता योग्य आपराधिक एवं अन्य मामलों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित और कम खर्च में निस्तारण सुनिश्चित करना था। इस दौरान पक्षकारों को आपसी सहमति के माध्यम से विवादों का समाधान करने के लिए प्रेरित किया गया तथा विधिक प्रावधानों के अनुरूप मामलों के निस्तारण के प्रयास किए गए।

इस अवसर पर उन्होंने बंदियों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक न्याय की सरल, सुलभ और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कारागार परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा, जेल अधिकारियों एवं बंदियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। उन्होंने बंदियों से पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।