सत्संग हमें एक अच्छा मित्र देता है, जबकि कुसंग हमें शत्रु देता है: गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज
भिवानी, 17 जुलाई। भिवानी के सूर्या बैंकट सभागार में तीन दिवसीय दिव्य गीता संदेश कार्यक्रम के तीसरे दिन गीता अमृत वर्षा करते हुए गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने श्री मद भगवद गीता व सत्संग पर प्रकाश हुए कहा कि अच्छी संगति बुद्धि को संवार देती है और कुसंगति अच्छी बुद्धि को बिगाड़ देती है।
इसलिए व्यक्ति के जीवन में सत्संग का बड़ा महत्व है। हमें अपने बच्चों को अच्छी संगति के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि बच्चों की परवरिश अच्छे संस्कारों में हो, क्योंकि कुसंगति से प्रभावित होकर बच्चे नशे जैसी बुराइयों में शामिल हो जाते हैं। उसके बाद माता-पिता की भी पूछ नहीं हो पाती । इसलिए जीओ गीता के द्वारा गर्भ संस्कार में गीता का महत्व पर पुस्तक तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गर्भ में गीता का बड़ा महत्व होगा। 9 माह तक बच्चे व उसकी के लिए गीता प्रेरणा बनेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जीओ गीता द्वारा 9 का पूरा पाठ्यक्रम गीता से युक्त तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यह पुस्तक उन माताओ व चिकित्सकों तक पहुंचेगी जिससे गर्भ में संतान को गीता से संस्कार मिले। उन्होंने कहा कि इस अनूठी पहल की शुरुआत भिवानी के अंचल अस्पताल से शुरू कर दी गई है।
कहा कि यदि कुसंती हावी होगी तो कुसंस्कारों के कारण राष्ट्र का विकास भी रुकता है और भविष्य मजबूत नहीं बन पाता। इसलिए यह पुस्तक केवल बच्चों में गीता का समावेश नहीं करेगी, बल्कि आने वाली जनरेशन को भी गीता प्रेरित करेगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद, वीर अभिमन्यु, स्वामी दयानंद सरस्वती, वीर शिवाजी जैसे अनेक विद्वान व संत महात्मा हुए हैं, जिन्होंने बचपन में ही संस्कार मिले। इसलिए हमें भी अपने बच्चों में अच्छे संस्कार का समावेश करना चाहिए, ताकि वे राष्ट्र का भविष्य बन सके।
गीता संदेश पर बोलते हुए गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि वैचारिक , व्यवहारिक और वैज्ञानिक जीवन होना बहुत जरूरी है और यह सब हमें गीता से मिलता है। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में भागवत गीता की बात होनी चाहिए और गीता के अनुसार हमें मित्र बनना चाहिए शत्रु नहीं । वर्तमान में अनेक प्रकार की बुराइयां जन्म ले रही हैं। इसलिए हमें सत्संग के अनुसार आगे आना चाहिए और कुसंगति से दूर रहना चाहिए, क्योंकि सत्संग हमें मित्र प्रदान करता है, बल्कि कुसंग हमें शत्रु प्रदान करती है।
इस अवसर पर भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह, भिवानी विधायक घनश्याम सराफ , हांसी विधायक विनोद भयाना सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता हर व्यक्ति के जीवन में जरूरी है, क्योंकि गीता के मार्ग से ही व्यक्ति अपने आप को सन्मार्ग पर ले जा सकता है। समारोह में परम पूज्य महंत अशोक गिरि जी महाराज, परम पूज्य महंत चरणदास महाराज तथा बलदेव राज नागपाल का सान्निध्य रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया जाएगा। इनमें भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह, भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ, पूर्व मंत्री जे.पी. दलाल, हांसी विधायक विनोद भयाना, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग, भाजपा जिला प्रभारी विजय पाल, पूर्व वरिष्ठ चांसलर एस.के. गखड़ तथा हरियाणा व्यापार आयोग के चेयरमैन राजेश ठुकराल, कमल प्रधान, अजय मल्होत्रा, संजय वच्छा, गुलशन, हरदीप डुडेजा, रमेश महता, राधा कृष्ण चावला, भानु प्रकाश शर्मा, राजेश तलवार, देवराज महता, राकेश कटारिया, राजेश जैन, एम.के. जैन, रणधीर सिंह अहलावत, विक्की कागवालिया, चन्द्रभान वलेचा, राजेन्द्र अग्रवाल, राजेश वर्मा तथा सुभाष सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
