मैन्युअल स्कैवेंजिंग एक्ट की समीक्षा बैठक आयोजित
हिसार, 08 जुलाई।
जिले में मैन्युअल स्कैवेंजिंग एक्ट और असुरक्षित तरीके से सीवर सफाई पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले में हाथ से मैला उठाने या बिना सुरक्षा मानकों के सीवर सफाई की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई ऐसी घटना संज्ञान में आती है तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें। उपायुक्त महेंद्र पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सीवर सफाई के दौरान कर्मचारियों के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से कराया जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि सीवर दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को सरकार के निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता और पुनर्वास का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सफाई कर्मचारियों को वैकल्पिक रोजगार अपनाने के लिए अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि वे सम्मानजनक आजीविका से जुड़ सकें।
बैठक में सीवर सफाई से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पांस सैनिटेशन यूनिट के गठन पर चर्चा के साथ-साथ हेल्पलाइन नंबर 14420 की प्रभावी व्यवस्था को हिसार के साथ बरवाला और उकलाना जैसे स्थानीय क्षेत्रों में जांचने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त महेंद्र पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैन्युअल स्कैवेंजिंग का डेटा डीएससी कमेटी से सत्यापित कराकर तुरंत प्रभाव से केंद्र सरकार के नमस्ते पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, एसीयूटी विवेक यादव, हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार, नगर निगम अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप कुमार, जिला परिषद की डिप्टी सीईओ कीर्ति सिरोहीवाल, जिला कल्याण अधिकारी एवं मैन्युअल स्कैवेंजिंग समिति की सदस्य सचिव दीपिका सारसर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
