विशेष बिजली मामला निपटान अभियान के तहत 4.67 करोड़ रूपए राजस्व का संग्रह- एडीजीपी रवि किरण माटा

 कोताही बरतने वालों को ढील नही - एडीजीपी हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो
 
विशेष बिजली मामला निपटान अभियान के तहत 4.67 करोड़ रूपए राजस्व का संग्रह- एडीजीपी रवि किरण माटा

 

 

 

चंडीगढ़ , 5 अगस्त - हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री रवि किरण माटा ने हरियाणा के सभी थाना अध्यक्षों की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री ताहिर हुसैन के साथ सभी उप पुलिस अधीक्षक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 

विदित है कि 17 जुलाई 2026 को  पुलिस महानिदेशक श्री नवदीप सिंह विर्क के निर्देश पर बिजली मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान शुरू हुआ था। इस अभियान की समीक्षा करते हुए एडीजीपी ने कहा कि इस अभियान में कोताही बरतने वालों को ढील नही दी जाएगी। इस अवसर पर अच्छा कार्य करने वाली पुलिस टीमों की प्रशंसा की गई।

 

वहीं दूसरी तरफ ऐसे जिलों की पुलिस टीमों को निर्देश दिया गया कि वह प्राथमिकता तय करते हुए इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करें।

 

एडीजीपी श्री रवि किरण माटा ने बताया कि ₹4.67 करोड़ से अधिक की राशि का समाधान हुआ। लंबित बिजली विवादों को सुलझाने और बकाया राजस्व की वसूली के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया गया जिसमें  ₹1 लाख से लेकर ₹5 लाख से अधिक तक की विभिन्न श्रेणियों के जटिल मामलों को लक्षित किया गया।  इस अभियान के तहत कुल 219 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिसमें ₹4,67,67,229 (4.67 करोड़ से अधिक) की भारी-भरकम राशि का समाधान हुआ।

 

उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कानूनी मुकदमों के बोझ को कम करना और विभिन्न जिलों में बिजली विभागों के फंसे हुए राजस्व को वापस लाना था।

 

श्री माटा ने बताया कि इस मुहिम में गुरुग्राम डिवीजन ने सबसे बड़ी वित्तीय सफलता हासिल की। कुल 1,386 लंबित मामलों में से इस डिवीजन ने 53 मामलों का निपटारा किया, जिससे रिकॉर्ड ₹1,26,97,935 का समाधान हुआ। इसमें अकेले गुरुग्राम जिले ने ₹1 लाख से ₹2 लाख की श्रेणी में 35 मामलों को सुलझाकर ₹46.5 लाख से अधिक की राशि को क्लियर किया।

 

महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों ने भी इस डिवीजन की सफलता में बड़ा योगदान दिया। सबसे बड़ा व्यक्तिगत योगदानकर्ता भले ही डिवीजन के मामले में गुरुग्राम आगे रहा, लेकिन व्यक्तिगत जिले के रूप में फरीदाबाद सबसे शीर्ष पर रहा। फरीदाबाद ने कुल 1,604 मामलों में से 29 का निपटारा किया, जिससे कुल ₹72,78,767 की राशि का समाधान हुआ। विशेष रूप से, इस जिले ने "₹5 लाख से ऊपर" वाली श्रेणी के केवल चार बड़े मामलों से ₹27,52,462 की रिकवरी की। अन्य डिवीजनों का प्रदर्शन राज्य के अन्य प्रशासनिक डिवीजनों ने भी इस दो सप्ताह के अभियान में सराहनीय कार्य किया।

 

अंबाला डिवीजन के तहत  78 मामलों में से 11 का निपटारा कर ₹20,02,683 की राशि का समाधान किया। हिसार डिवीजन में  कुल 19 मामलों को सुलझाया, जिससे ₹18,64,355 की रिकवरी हुई। करनाल डिवीजन में पानीपत, करनाल और कैथल को मिलाकर कुल 10 मामलों का निपटारा किया, जिससे ₹16.3 लाख से अधिक की राशि क्लियर हुई। रोहतक डिवीजन में  सोनीपत में 8 और चरखी दादरी में 5 मामलों का निपटारा कर राजस्व सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस विशेष अभियान में सबसे अधिक ध्यान छोटे ब्रैकेट (₹1 लाख से ₹2 लाख) के मामलों पर रहा, जहां कुल 135 मामलों को सुलझाकर ₹1,71,79,670  का निपटारा किया गया।