जनशिकायतों का समाधान कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले :- ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा

 
जनशिकायतों का समाधान कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले :- ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा

 
- रोहतक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों की बैठक में जनसमस्याओं के समाधान, निरंतर फॉलो-अप और प्रशासनिक समन्वय पर जोर


रोहतक, 16 सितंबर। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के प्रभावी समाधान तथा पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में बुधवार को रोहतक जिला के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विंडो पर प्राप्त जनशिकायतों, शिकायत पत्रों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान की स्थिति की समीक्षा की गई।


बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा ने जनशिकायतों के समाधान में निरंतर फॉलो-अप, स्पष्ट जिम्मेदारी और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा अपनी समस्या सरकार के समक्ष रखने के बाद केवल शिकायत दर्ज होना अथवा कागजी कार्रवाई पूरी होना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता को वास्तविक समाधान और अपेक्षित राहत मिलने तक मामले की स्थिति पर नजर रखना तथा आवश्यक स्तर पर समन्वय करना जरूरी है।


वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा ने कहा कि प्रबुद्धजनों की भूमिका केवल शिकायतों को प्रशासन तक पहुंचाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान की स्थिति की जानकारी लेते हुए जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ताओं को उचित प्रक्रिया के संबंध में सहयोग एवं मार्गदर्शन भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में यह आवश्यक है कि सरकार के समक्ष आने वाली प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और उसके समाधान की अंतिम स्थिति तक प्रभावी फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए।


ओएसडी वीरेंद्र सिंह बढख़ालसा ने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपनी समस्या सरकार के समक्ष रखी है, उसकी शिकायत समाधान की अंतिम स्थिति तक पहुंचनी चाहिए। केवल कागज पर कार्रवाई पूरी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिली है या नहीं, इसकी जानकारी प्राप्त करना और निरंतर फॉलो-अप करना भी आवश्यक है। बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित जनशिकायतों एवं समस्याओं का विवरण प्रबुद्धजनों को उपलब्ध करवाया गया। इस दौरान स्पष्ट किया गया कि जिस विधानसभा क्षेत्र से संबंधित शिकायत है, उसके समाधान की स्थिति का फॉलो-अप करने की प्राथमिक जिम्मेदारी उसी क्षेत्र के प्रबुद्धजन की होगी।


वीरेंद्र सिंह बढख़ालसा ने सभी प्रबुद्धजनों से अपने-अपने क्षेत्रों की जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य करने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दूसरे विधानसभा क्षेत्र से संबंधित मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचते हुए जिम्मेदारियां स्पष्ट रखी जानी चाहिए, ताकि शिकायतों के समाधान में दोहराव, भ्रम अथवा अनावश्यक देरी की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत के समाधान के लिए दूसरे विभाग अथवा अधिकारी के स्तर पर समन्वय आवश्यक हो, तो संबंधित प्रबुद्धजन आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। सभी का उद्देश्य शिकायत को समाधान तक पहुंचाना होना चाहिए।


बैठक में अधिकारियों और प्रबुद्धजनों के बीच बेहतर संवाद की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों से कहा गया कि वे प्रबुद्धजनों को आवश्यक समय देकर शिकायतों की वास्तविक स्थिति से अवगत करवाएं, ताकि वे अपने क्षेत्रों से संबंधित मामलों की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक फॉलो-अप कर सकें। वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा ने कहा कि प्रशासन और प्रबुद्धजनों के बीच बेहतर संवाद से जमीनी स्तर की समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकती है। शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन के साथ समन्वय और सहयोग की भावना से कार्य किया जाना चाहिए।


ओएसडी वीरेंद्र सिंह बढख़ालसा ने कहा कि उद्देश्य किसी अधिकारी पर अनावश्यक दबाव बनाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और प्रबुद्धजनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। जब सभी पक्ष जिम्मेदारी और सहयोग की भावना से कार्य करेंगे, तभी शिकायतकर्ता को समयबद्ध और वास्तविक राहत मिल सकेगी। बैठक में बार-बार सामने आने वाली शिकायतों, लंबे समय से लंबित मामलों, विभागीय देरी तथा ऐसी शिकायतों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई, जिनमें कागजी कार्रवाई पूरी होने के बावजूद शिकायतकर्ता को अपेक्षित राहत नहीं मिली है।


इस दौरान कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा केवल कार्रवाई रिपोर्ट तक सीमित न रहकर वास्तविक समाधान की स्थिति को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए। संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर मामलों की प्रगति का नियमित फॉलो-अप किया जाना चाहिए। वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा ने सभी प्रबुद्धजनों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में नियमित रूप से जनसमस्याओं का फीडबैक लेते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा शिकायतों के समाधान की स्थिति की निरंतर समीक्षा करने का आह्वान किया। बैठक में जनशिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी, बेहतर प्रशासनिक समन्वय, निरंतर संवाद और प्रभावी फॉलो-अप को आवश्यक बताया गया।


बैठक में सीएम विंडो के प्रबुद्धजनों में बीर सिंह हुड्डा, जयभगवान जांगड़ा, चंद्रेश कपूर, गुलशन दुआ, राजेश शर्मा, रोशन मायना, मनोज मक्कड़, जितेंद्र कौशिक, पदम सिंह ढुल, राजीव भांकर एवं वेद प्रकाश धवन ने सीएम विंडो की शिकायतों के निपटारे बारे विचार साझा किये।