*शिकायतों के समाधान की अब होगी बारीकी से निगरानी, एटीआर पर नोडल अधिकारियों को दिए निर्देश*
*सीएम विंडो, जनसंवाद और सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर से प्राप्त शिकायतों के समाधान की समीक्षा तेज- चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की 259 शिकायतों की एक्शन टेकन रिपोर्ट की समीक्षा*
चंडीगढ़, 6 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी (शिकायत निवारण) भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा गत दिनों जन संवाद, सीएम विंडो, एसएमजीटी (सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर) तथा समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समाधान की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के बाद अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में आज चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए शिकायतों के समाधान को लेकर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) पर विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया में केवल कार्रवाई दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि संबंधित शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिली है या नहीं।
खदरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपनी शिकायत लेकर आने वाले हर फरियादी की समस्या के समाधान को गंभीरता से लिया जाए। मुख्यमंत्री के पास फरियादी के दस्तावेज इस आशा और विश्वास के साथ भेजे जाते हैं कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई होगी। ऐसे में विभागों के नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई हो और फरियादी को समाधान मिले।
उन्होंने ये निर्देश सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शिकायतों की एक्शन टेकन रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान दिए। बैठक में 1 मार्च 2026 से प्राप्त कुल 259 शिकायतों की समीक्षा की गई, जिनमें जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त 68 तथा सीएम विंडो के माध्यम से प्राप्त 191 शिकायतें शामिल हैं। इस दौरान शिकायतों पर की गई कार्रवाई, लंबित मामलों की स्थिति और उनके समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली गई।
उन्होंने विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम विंडो और जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए तथा जिन मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है, उनकी एक्शन टेकन रिपोर्ट समय पर अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत को केवल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेजने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि उसकी वास्तविक स्थिति और समाधान की भी निगरानी की जाए।
*आगामी दो-तीन माह में करीब सात विभागों की बैठकों का रोडमैप*
खदरी ने बताया कि आगामी दो-तीन महीनों के दौरान सभी विभागों के साथ इसी प्रकार की करीब सात बैठकों का रोडमैप तैयार किया गया है। इन बैठकों में संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ शिकायतों की स्थिति, लंबित मामलों में की गई कार्रवाई तथा एटीआर की बारीकी से समीक्षा की जाएगी, ताकि शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। शिकायतों का समाधान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। यदि किसी मामले में विभागीय स्तर पर समाधान संभव नहीं है तो उसे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर आवश्यक कार्रवाई के लिए रेफर किया जाए अथवा नियमानुसार डिस्पोज ऑफ किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में किसी उच्च स्तर के निर्णय या मार्गदर्शन की आवश्यकता है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित रखने के बजाय समय रहते संबंधित अधिकारी के संज्ञान में लाया जाए।
*एमपीएचडब्ल्यू कोर्स से संबंधित शिकायतों पर भी चर्चा*
बैठक में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्ल्यू) के कोर्स से संबंधित शिकायतों पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में खदरी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में एमपीएचडब्ल्यू कोर्स के लिए 24 निजी तथा 2 सरकारी शिक्षण संस्थान हैं। वर्ष 2025 में इस कोर्स के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को दसवीं से बढ़ाकर 12वीं किया गया था। इसके साथ ही अन्य निर्धारित नियमों के अनुसार विद्यार्थियों को शिक्षा एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अस्थायी तौर पर हरियाणा एलाइड हेल्थ केयर काउंसिल का गठन किया गया है। आगे से एमपीएचडब्ल्यू कोर्स के मापदंड काउंसिल की गाइडलाइन के अनुसार तय किए जाएंगे।
खदरी ने कहा कि लोगों की मांग और अपेक्षाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जनसंवाद और सीएम विंडो पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समाधान पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नोडल अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री की इस प्राथमिकता के अनुरूप शिकायतों के निस्तारण को गंभीरता से लिया जाए और प्रत्येक शिकायत को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए।
