हरियाणा के इन 11 जिलों में बारिश की चेतावनी! किसानों की बढ़ेगी टेंशन, IMD ने जारी की एडवाइजरी 

 
हरियाणा के इन 11 जिलों में बारिश की चेतावनी! किसानों की बढ़ेगी टेंशन, IMD ने जारी की एडवाइजरी 
Naya Haryana, Haryana Weather : हरियाणा में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है, इन दिनों हुई लगातार बारिश और ओलावृष्टि से मौसम एक बार फिर ठंडा हो गया है। हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बारिश और ओलावृष्टि से गर्मी से छुटकारा मिला है। 

मिली जानकारी के अनुसार, बारिश और ओले गिरने से प्रदेश में दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में दिन के तापमान नीचे बना हुआ है। Haryana Weather

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। आज उत्तर और दक्षिण-पूर्वी हरियाणा के 11 जिलों में 'येलो अलर्ट' रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में गरज-चमक के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना है। शेष जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। Haryana Weather

एक और पश्चिमी विक्षोभ

चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन लाल खिचड़ ने बताया कि 7 मई से 10 मई तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं में बदलाव आने और उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने और रात्रि तापमान में गिरावट होने की संभावना है। Haryana Weather

परंतु 10 मई रात्रि से एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। जिसके आंशिक प्रभाव से फिर से मौसम में बदलाव आने की संभावना बन रही है।

किसानों के लिए एडवाइजरी

मिली जानकारी के अनुसार, मौसम में बदलाव को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खास हिदायत दी है। गेहूं और जौ की कटाई व मड़ाई कर चुके किसान भूसे और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें, ताकि तेज हवा या बूंदाबांदी से नुकसान न हो। Haryana Weather

जानकारी के मुताबिक, कपास की बिजाई करने वाले किसानों को सलाह दी गई है कि वे अगले 3-4 दिनों तक बिजाई रोक दे। सब्जी उत्पादक किसान सिंचाई रोक दे और पकी हुई फसलों की तुड़ाई जल्द कर ले। पशुओं को धूल भरी आंधी और बारिश से बचाने के लिए शेड के नीचे रखे। 7 मई के बाद शुष्क मौसम को देखते हुए ही फसलों में खाद या कीटनाशकों का छिड़काव करें।