पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता एवं कृषि क्षेत्र में अधिकाधिक ऋण उपलब्ध कराएं :- नगराधीश शुभम
रोहतक, 26 जून। नगराधीश शुभम ने कहा कि पात्र लाभार्थियों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों एवं उद्यमियों को प्राथमिकता एवं कृषि क्षेत्र के अंतर्गत अधिकाधिक ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं के लंबित आवेदनों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नगराधीश शुभम स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय, द्वारा आयोजित मार्च 2026 तिमाही की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय सुरक्षा समिति की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़ के एलडीओ मुनीश खन्ना, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अंकित दहिया, अग्रणी जिला प्रबंधक महावीर प्रसाद, पीएनबी आरसेटी खरावड़ के निदेशक मंजीत, पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न बैंकों एवं सरकारी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की समीक्षा करते हुए नगराधीश शुभम ने जिला में बैंकों के जमा-ऋण (सीडी) अनुपात में न्यूनतम 60 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 66 प्रतिशत की उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत प्राथमिकता क्षेत्र में निर्धारित 40 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 54 प्रतिशत उपलब्धि की सराहना की, जबकि कृषि ऋण के क्षेत्र में निर्धारित 18 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 15 प्रतिशत उपलब्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी बैंक अधिकारियों को कृषि एवं प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों, स्वरोजगार से जुड़े व्यक्तियों एवं छोटे उद्यमियों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
शुभम ने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान कृषि क्षेत्र में 3,353 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 2,928 करोड़ रुपये (87 प्रतिशत), प्राथमिकता क्षेत्र में 10,074 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 10,270 करोड़ रुपये (102 प्रतिशत) तथा एमएसएमई क्षेत्र में 5,598 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 6,768 करोड़ रुपये (121 प्रतिशत) का ऋण वितरण किया गया। इन उपलब्धियों पर नगराधीश ने बैंक अधिकारियों के कार्य की सराहना की। नगराधीश ने विभिन्न विभागों द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त की तथा सभी संबंधित बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण आगामी 15 दिनों के भीतर किया जाए।
भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ मुनीश खन्ना ने सभी बैंकों को वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने, री-केवाईसी अभियान तथा अनक्लेम्ड डिपॉजिट के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आह्वान किया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अंकित दहिया ने कृषि ऋण में वृद्धि की संभावनाओं एवं रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी, जबकि कृषि विभाग के प्रतिनिधि श्री विनोद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित फसल बीमा से संबंधित विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।
बैठक के दौरान पुलिस विभाग के प्रतिनिधि ने साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष प्रस्तुति देते हुए बैंक अधिकारियों से साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शिकायत प्राप्त होते ही मोबाइल नंबर एवं ट्रांजैक्शन आईपी, संबंधित बैंक खाते की स्टेटमेंट, सीसीटीवी फुटेज तथा केवाईसी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इन जानकारियों से साइबर अपराधियों तक शीघ्र पहुंचने में काफी सहायता मिलती है। अग्रणी जिला प्रबंधक महावीर प्रसाद ने सभी अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
