एसआईआर-2026 के अगले चरण की तैयारी तेज, 31 जुलाई को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची : डीसी
झज्जर, 24 जुलाई।
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत नियमानुसार मतदाता गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई 2026 को जिला की चारों विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
डीसी वर्षा खांगवाल ने शुक्रवार को एसआईआर-2026 अभियान के अगले चरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का प्रत्येक चरण पारदर्शिता और शुद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सही विवरण के साथ मतदाता सूची में शामिल हो।
31 जुलाई से शुरू होगी दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया
डीसी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने अथवा अन्य त्रुटियों के संबंध में दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इन सभी दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
उन्होंने कहा कि प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद सभी मतदाता अपने नाम एवं अन्य विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित अवधि के भीतर दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं।
त्रुटि रहित मतदाता सूची ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी चुनाव के लिए शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का सहयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि आयोग द्वारा निर्धारित प्रत्येक गतिविधि को समयबद्ध, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाए, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
