मरीजों को बड़ा झटका, 5 जून से निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर नहीं होगा इलाज
चंडीगढ़: आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अस्पतालों के बकाया भुगतान को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है। आईएमए का कहना है कि सरकार ने जल्द भुगतान नहीं किया तो प्रदेश भर के निजी अस्पताल 5 जून से आयुष्मान कार्ड पर मरीजों का इलाज बंद कर देंगे। आईएमए के इस फैसले का असर उन लाखों मरीजों पर पड़ सकता है जो इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड पर निर्भर हैं।
रोहतक की 34 निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे वक्त से बकाया
रोहतक जिले में आयुष्मान योजना से जुड़े करीब 34 निजी अस्पताल हैं। आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि इन अस्पतालों का सरकार की ओर करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है। कई अस्पतालों की राशि बीते एक साल बकाया पड़ी हुई है, जिसके चलते अस्पतालों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आईएमए के प्रतिनिधियों ने बताया कि बकाया भुगतान को लेकर सरकार और संबंधित विभागों के साथ कई दौर की मीटिंग हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। अस्पताल संचालकों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के वेतन, दवाइयों की खरीद और अन्य संचालन संबंधी खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
लंबे समय से भुगतान अटका रहने के कारण इस व्यवस्था को जारी रखना मुश्किल
आईएमए का कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अस्पताल लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से भुगतान अटका रहने के कारण अब इस व्यवस्था को जारी रखना कठिन हो गया है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी लंबित भुगतान जारी किए जाएं ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गरीब और जरूरतमंद मरीजों को होगी परेशानियां
यदि 5 जून से निजी अस्पतालों में योजना के तहत इलाज बंद होता है तो गरीब और जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। आईएमए ने उम्मीद जताई है कि सरकार समय रहते समाधान निकालकर स्थिति को सामान्य बनाएगी।
