हरियाणा की मंडियों में धान- कपास के भाव ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, खुशी से झूम उठे किसानों के चेहरे

 
हरियाणा की मंडियों में धान- कपास के भाव ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, खुशी से झूम उठे किसानों के चेहरे

 

हरियाणा की मंडियों में धान के साथ-साथ कपास की आवक भी रफ्तार पकड़ने लगी है। 1509 धान की किस्म के साथ ही कपास भाव की बात करें तो पिछले साल से कहीं ज्यादा रेट मिल रहा है। प्राइवेट बोली पर किसानों को MSP से ऊंचा भाव मिल रहा है जिससे भाव में आने वाले दिनों में और तेजी की उम्मीद बनी हुई है।

भाव में तेजी से मिलेगी राहत 

जींद जिले की उचाना अनाज मंडी में 1509 धान लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि पिछले साल इन्हीं दिनों में अधिकतम भाव करीब 3,200 रुपए प्रति क्विंटल तक मिला था जबकि इस बार अधिकतम भाव 4,240 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। यानि पिछले साल से 1,000-1,100 रुपए प्रति क्विंटल तक ज्यादा भाव मिल रहा है।

किसानों का कहना है कि इस बार बारिश उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है। ऐसे में भाव में तेजी से उत्पादन कम होने से हुएं आर्थिक नुकसान की भरपाई की उम्मीद बनी हुई है। इस बार सीजन की शुरुआत से ही भाव में तेजी बनी हुई है जिससे किसानों को फायदा पहुंच रहा है। किसानों का कहना है यदि आवक बढ़ने पर भी इसी तरह भाव में तेजी बनी रहती है तो किसानों को भी राहत पहुंचेगी।

कपास का भाव भी अच्छा 

उचाना मंडी में कपास भाव की बात करें तो यहां 23 सितंबर को अधिकतम 8,860 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था जबकि 25 सितंबर को यह 8,560 रुपए प्रति क्विंटल था। पिछले साल की बात करें तो इन दिनों में कपास का अधिकतम भाव 6,200 रुपए प्रति क्विंटल तक था। यानि इस बार प्रति क्विंटल तक 2 हजार रुपए से ज्यादा भाव बना हुआ है।

किसानों का कहना है कि कपास की फसल में पिछले कई सालों से बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है जिससे कपास बिजाई का रकबा बहुत कम हो चुका है। वहीं, इस साल भाव में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल रही है।  ऐसे में कम उत्पादन के बावजूद भी किसानों को ठीक-ठीक फायदा हो रहा है। वहीं, मंडी में फसल लेकर पहुंच रहे किसानों के लिए बिजली-पानी, पक्की सड़कें, साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।