हरियाणा के निजी और सरकारी अस्पतालों में 3,511 से अधिक दावे किए गए पेश, मरीजों के इलाज पर नहीं पड़ा कोई असर
चंडीगढ़, 2 सितंबर। हरियाणा में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) द्वारा 31 अगस्त की रात से 1 सितंबर की रात तक योजना के तहत सेवाएं रोकने के आह्वान के बावजूद प्रदेश में पात्र लाभार्थियों को इलाज लेने में किसी तरह की बड़ी परेशानी नहीं हुई।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए), हरियाणा से मिली जानकारी के अनुसार, इस अवधि में निजी सूचीबद्ध अस्पतालों ने ही 1,314 से अधिक दावे पेश किए। सरकारी अस्पतालों के दावों को भी शामिल करने पर आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 3,511 से अधिक दावे पेश किए गए। यह संख्या योजना के तहत रोजाना पेश होने वाले करीब 3,441 दावों के औसत से भी अधिक है। इससे साफ है कि आईएमए के आह्वान का प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज लेने वाले मरीजों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
अस्पतालों के साथ लगातार संपर्क में रहा स्वास्थ्य प्राधिकरण:
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने पूरे मामले पर लगातार नजर रखी। जिला स्तर पर अधिकारियों, जिला क्रियान्वयन प्रबंधकों और सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया। सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को कहा गया कि आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को प्राथमिकता देते हुए इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रखें। अस्पतालों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी पात्र मरीज को योजना के तहत इलाज लेने में अनावश्यक परेशानी न हो।
एसएचए के अनुसार, इस अवधि में किसी पात्र मरीज को इलाज से मना करने या आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में रुकावट की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। अस्पतालों से मिले जवाब और इस दौरान पेश किए गए दावों की संख्या से भी स्पष्ट है कि लाभार्थियों को योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहीं।
12 हजार करोड़ रुपये के बकाये की खबर को बताया भ्रामक
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कुछ समाचार पत्रों में आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के 12,000 करोड़ रुपये के बकाये से जुड़ी खबरों को तथ्यात्मक रूप से सही नहीं बताया है। एसएचए ने कहा कि इस तरह की जानकारी से लाभार्थियों और आम लोगों में अनावश्यक भ्रम पैदा होता है। योजना के तहत भुगतान और दावों की वास्तविक स्थिति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांची जाती है। प्राधिकरण ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों या अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें और केवल सही तथा आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
इलाज से मना करने की शिकायत पर होगी जांच:
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी लाभार्थी की ओर से यह शिकायत मिलती है कि 31 अगस्त या 1 सितंबर को किसी सूचीबद्ध अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने से मना किया, तो उस मामले की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जाएगी।
एसएचए शिकायतों और अस्पतालों से मिली जानकारी की समीक्षा करेगा। यदि जांच में किसी अस्पताल द्वारा पात्र लाभार्थी को योजना के तहत इलाज देने से मना करने या जानबूझकर इलाज में रुकावट डालने की बात सही पाई जाती है, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
लाभार्थियों से इलाज जारी रखने की अपील:
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भरोसा दिलाया है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों में अपना इलाज जारी रख सकते हैं। लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे किसी अफवाह, अपुष्ट सूचना या भ्रामक खबर से प्रभावित न हों।
हरियाणा सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के पात्र नागरिकों को समय पर, आसानी से और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी संचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पात्र लाभार्थियों को इलाज लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जिला स्तर के अधिकारियों और सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं और इलाज की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
