एनएचएम कर्मचारियों के हितार्थ शुरू किया "ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन सिस्टम" : आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 5 मई- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम), हरियाणा द्वारा "समग्र ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन प्रणाली (Leave Management System)" के शुभारंभ करने की घोषणा की है। इससे कर्मचारियों को अवकाश लेने में आने वाली परेशानियों से निज़ात मिलेगी।
उन्होंने बताया कि यह नई प्रणाली विभिन्न प्रकार के एनएचएम कर्मचारियों के अवकाश के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई है। यह पोर्टल [http://nrhmharyana.gov.in:90/leavenhm/] पर उपलब्ध है। एनएचएम हरियाणा एक ऐसे आधुनिक मानव संसाधन तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जो कार्यप्रवाह को आसान बनाए, प्रशासनिक बोझ को कम करे और समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित करे।
एनएचएम के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी अब कैजुअल लीव, एक्स्ट्राऑर्डिनरी लीव, मैटरनिटी लीव के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही विदेश यात्रा के लिए एनओसी (No Objection Certificate) का अनुरोध भी कर सकते हैं। पोर्टल में ‘From Date’ और ‘To Date’ चयन करने की सुविधा को सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है, जिससे आवेदन में स्पष्टता और सटीकता बनी रहती है।
एक्स्ट्राऑर्डिनरी लीव के मामलों में कर्मचारियों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिससे सक्षम अधिकारी आवेदन का गहन मूल्यांकन कर सकें और उचित निर्णय ले सकें। आवेदन करने के बाद संबंधित रिपोर्टिंग, रिव्यूइंग और अप्रूविंग अथॉरिटी को एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी। वहीं, अवकाश स्वीकृत या अस्वीकृत होने पर कर्मचारी को भी एसएमएस के जरिए सूचना मिल जाएगी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से मैन्युअल फाइल वर्क में कमी आएगी, पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रक्रिया तेज होगी और मानव संसाधन प्रबंधन में जवाबदेही मजबूत होगी। सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली से अवकाश आवेदन बिना किसी अनावश्यक देरी के निपटाए जा सकेंगे, जिससे कर्मचारियों की संतुष्टि और प्रशासनिक दक्षता दोनों में वृद्धि होगी।
आने वाले दिनों में इस सिस्टम को और सशक्त बनाया जाएगा, जिसमें *मेडिकल लीव, रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे, पितृत्व अवकाश और गर्भपात अवकाश जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी, जिससे यह एक पूर्ण डिजिटल समाधान बन सकेगा।
