*गुरुग्राम दौरे के दूसरे दिन तृप्ति हरिपाल श्योराण ने स्कूल, रेलवे स्टेशन और भोंडसी जेल का किया दौरा*

 
 *गुरुग्राम दौरे के दूसरे दिन तृप्ति हरिपाल श्योराण ने स्कूल, रेलवे स्टेशन और भोंडसी जेल का किया दौरा*

*जीएवी इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पॉक्सो अधिनियम पर दी जानकारी*

*रेलवे स्टेशन पर बच्चों की सुरक्षा और भोंडसी जेल में बच्चों को मिल रही सुविधाओं की ली जानकारी*

गुरुग्राम, 18 सितंबर- हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति हरिपाल श्योराण ने गुरुग्राम दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को सेक्टर-89 स्थित जीएवी इंटरनेशनल स्कूल, गुरुग्राम रेलवे स्टेशन और भोंडसी जिला जेल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली।

सेक्टर-89 स्थित जीएवी इंटरनेशनल स्कूल में पॉक्सो अधिनियम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीईओ कैप्टन इंदु बोकन, सीडीपीओ मुनीश कुमारी, जिले के राजकीय उच्च विद्यालयों एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रभारी तथा पॉक्सो नोडल प्रभारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

 कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से समझाया गया। इसमें बच्चों के साथ होने वाले यौन दुर्व्यवहार, शोषण और उत्पीड़न की पहचान, ऐसे मामलों की अनिवार्य सूचना देने की प्रक्रिया तथा विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि बच्चों से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी जानी चाहिए और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील एवं बच्चों के अनुकूल तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रस्तुति के दौरान शिकायत मिलने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, बच्चों की पहचान एवं मामले से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने, आवश्यकता पड़ने पर पुलिस और विशेष किशोर पुलिस इकाई के साथ समन्वय करने तथा बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालय परिसर में सुरक्षित वातावरण तैयार करने, बच्चों को अपनी समस्याएं साझा करने के लिए सहज माहौल देने और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की स्थिति में समय पर उचित कदम उठाने के महत्व को भी समझाया गया। इसके अलावा आयोग की टीम ने तुलसी हेल्थकेयर, सेक्टर-64 तथा रिशिकुलम गुरुकुल विद्यापीठ, सेक्टर-37सी का भी दौरा किया।

इसके बाद आयोग की चेयरपर्सन ने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का दौरा किया। यहां उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर अकेले या किसी परेशानी की स्थिति में मिलने वाले बच्चों की पहचान और उनकी सुरक्षा से संबंधित प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। बच्चों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने, संबंधित बाल संरक्षण इकाइयों तक पहुंचाने तथा ऐसे मामलों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई। आयोग की टीम ने बच्चों के संरक्षण से जुड़े प्रबंधों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद तृप्ति हरिपाल श्योराण ने भोंडसी जिला जेल का दौरा किया। यहां उन्होंने अपनी माताओं के साथ रह रहे बच्चों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान बच्चों को उपलब्ध शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, परिवार से संपर्क और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं के बारे में जेल प्रशासन से जानकारी ली गई।

जेल में बच्चों के रहने के लिए उपलब्ध व्यवस्था, उनकी दैनिक आवश्यकताओं, स्वास्थ्य संबंधी देखभाल और शिक्षा की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही बच्चों के अपनी माताओं के साथ संपर्क और उनके संरक्षण से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई। बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाए रखने तथा उनकी जरूरतों का विशेष ध्यान रखने से संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली गई।

दो दिवसीय गुरुग्राम दौरे के दौरान आयोग की टीम ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े विभिन्न स्थानों का दौरा कर संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।