चंडीगढ़ सम्मेलन में बोले ओम बिरला, जनभागीदारी से बनेगा विकसित भारत

चंडीगढ़:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (Om Birla) ने कहा कि 'विकसित भारत' का संकल्प केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का साझा संकल्प है। इसे सफल बनाने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक और हर संस्था का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और बजटीय प्रावधानों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
 
चंडीगढ़ सम्मेलन में बोले ओम बिरला, जनभागीदारी से बनेगा विकसित भारत
 

चंडीगढ़: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (Om Birla) ने कहा कि 'विकसित भारत' का संकल्प केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का साझा संकल्प है। इसे सफल बनाने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक और हर संस्था का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और बजटीय प्रावधानों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।

 

हरियाणा विधानसभा में आयोजित तीन दिवसीय कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन (सीपीए) इंडिया रीजन जोन-2 (उत्तर क्षेत्र) सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब सामाजिक परिवर्तन, नैतिक मूल्यों की मजबूती और समाज को सही दिशा देने का सामूहिक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका इस दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाकर और जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर जमीनी स्तर पर बदलाव ला सकते हैं। सम्मेलन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी , विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा तथा विभिन्न राज्यों के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष शामिल हुए।

21वीं सदी भारत के लिए निर्णायक दौर

ओम बिरला ने कहा कि 21वीं सदी भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय है। दुनिया में भू-राजनीतिक बदलाव और तनाव के बावजूद भारत अपनी दीर्घकालिक नीतियों, सुशासन और मजबूत कानूनी व्यवस्था के बल पर लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत विकास के पथ पर मजबूती से अग्रसर है और यह देश की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।

विकसित भारत के लिए जनआंदोलन का आह्वान

लोकसभा अध्यक्ष ने विकसित भारत मिशन को जनआंदोलन का रूप देने की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि राष्ट्र निर्माण में उसका भी योगदान है। युवाओं पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित हो जाए, तो भारत की सामूहिक शक्ति, विशेषकर युवा शक्ति, इतनी मजबूत होगी कि वर्ष 2047 से पहले ही विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

 

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता की जितनी अधिक भागीदारी होगी, सामाजिक परिवर्तन उतना ही व्यापक और तेज होगा। यही भागीदारी विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी ताकत बनेगी। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में देश के 12 राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों ने भी भाग लिया।