दुधारु पशुओं के लिए उन्नत चारे के बीज़ का प्रबंध करने की दिशा में कार्य करें अधिकारी : श्री श्याम सिंह राणा

 
दुधारु पशुओं के लिए उन्नत चारे के बीज़ का प्रबंध करने की दिशा में कार्य करें अधिकारी : श्री श्याम सिंह राणा

कहा ,देसी गाय की डेयरी खोलने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें

चंडीगढ़ ,14 अक्टूबर - हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने  अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य में दुधारु पशुओं के लिए उन्नत-चारे के बीज़ का प्रबंध करने की दिशा में कार्य करें ताकि लोगों को अच्छी गुणवत्ता का दूध मिल सके। इसके लिए उन्होंने कोई पॉलिसी बनाने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए।

 

श्री राणा चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग , लुवास यूनिवर्सिटी , पशुधन विकास बोर्ड तथा हरियाणा गौ सेवा आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में  पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया , निदेशक डॉ प्रेम सिंह , लुवास यूनिवर्सिटी हिसार के कुलपति डॉ विनोद कुमार वर्मा के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने  कहा कि दुधारु पशुओं को ऐसा चारा खिलाना चाहिए जो कि रासायनिक खाद एवं दवाइयों से तैयार न किया गया हो , क्योंकि डीएपी और यूरिया एवं रासायनिक खाद के उपयोग से चारा जहरीला हो जाता है और उस चारे से रसायन दूध पीने वाले इंसान में पहुँचते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पशुपालकों को ऑर्गेनिक एवं प्राकृतिक खाद से चारा तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करें , साथ ही उन्नत किस्म का बीज भी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि अगर आवश्यकता हो तो इसके लिए एक पॉलिसी भी बनाई जा सकती है।

 

श्री राणा ने यह भी कहा कि देसी गाय की डेयरी खोलने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु सब्सिडी से संबंधित कोई योजना तैयार करें , इससे जहां हमारी नस्ल सुधार को संरक्षण मिलेगा वहीँ इनके गौमूत्र से तैयार जीवामृत प्राकृतिक खेती में खाद के तौर पर प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने गांवों के पशुओं के लिए पंचायती भूमि पर "डे-बोर्डिंग पशु हॉस्टल" जैसी कोई योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए ताकि गांव के पशु दिन के समय इस हॉस्टल की चारदीवारी के भीतर चरागाह की भांति घूम सकें और रात के समय पशु पालक अपने घर को पशु ले जा सकता है।

 

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने विभाग से संबंधित "सीएम-अनाउंसमेंट" तथा "बजट- घोषणाओं" की भी समीक्षा की और अधिकारियों को सभी घोषणाएं निर्धारित अवधि में पूरी करने के निर्देश दिए।