अब मिलावटखोरों की खैर नहीं! हरियाणा में खुलेंगी नई फूड टेस्टिंग लैब 

चंडीगढ़:हरियाणा सरकार खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक खाद्य जांच प्रयोगशालाओं (फूड टेस्टिंग लैब) का नेटवर्क तेजी से बढ़ा रही है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती कर निगरानी और कार्रवाई व्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की पहली बैठक में खाद्य सुरक्षा से जुड़े सुधारों की समीक्षा की गई। बैठक में वैज्ञानिक आधारभूत ढांचे, आधुनिक निगरानी प्रणाली और उपभोक्ता-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की व्यापक योजना पर चर्चा हुई।
 
अब मिलावटखोरों की खैर नहीं! हरियाणा में खुलेंगी नई फूड टेस्टिंग लैब

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक खाद्य जांच प्रयोगशालाओं (फूड टेस्टिंग लैब) का नेटवर्क तेजी से बढ़ा रही है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती कर निगरानी और कार्रवाई व्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की पहली बैठक में खाद्य सुरक्षा से जुड़े सुधारों की समीक्षा की गई। बैठक में वैज्ञानिक आधारभूत ढांचे, आधुनिक निगरानी प्रणाली और उपभोक्ता-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की व्यापक योजना पर चर्चा हुई।

 

सरकारी बयान के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य हरियाणा को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना और नागरिकों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार खाद्य जांच सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है।

पांच जिलों में बनेंगी अत्याधुनिक लैब

उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सहयोग से हिसार, जींद, नारनौल, सिरसा और यमुनानगर में अत्याधुनिक समेकित खाद्य जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा हिसार, नारनौल, सिरसा, जींद, यमुनानगर, रोहतक, फरीदाबाद और गुरुग्राम में कुल आठ खाद्य जांच प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से हिसार और नारनौल में दो प्रयोगशालाएं वर्ष 2026-27 में स्थापित की जाएंगी। इसके लिए सरकार ने 24 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का मानना है कि इन आधुनिक प्रयोगशालाओं से खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान, गुणवत्ता मानकों की जांच और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

करनाल लैब का भी होगा विस्तार

राज्य सरकार मौजूदा प्रयोगशालाओं को भी सशक्त बना रही है। करनाल स्थित जिला खाद्य प्रयोगशाला में अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

बढ़ेंगे खाद्य सुरक्षा अधिकारी

खाद्य सुरक्षा नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के सेवा नियम अधिसूचित कर दिए हैं और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा 12 नए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पद सृजित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

कार्रवाई में मिले सकारात्मक नतीजे

वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग ने 2,211 खाद्य नमूनों की जांच की। इनमें 805 मामले मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। विभाग ने 111 मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप 2.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। सरकार का कहना है कि नई प्रयोगशालाओं और मजबूत निगरानी व्यवस्था से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर बेहतर नियंत्रण होगा तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना आसान होगा।