डीसी आवास में नहीं मिली एंट्री, बाहर ही फरियाद; उसी दौरान तुड़वा दिया मोगा
हिसार, 31 जुलाई।
बरवाला क्षेत्र के गांव संदलाना के किसान ओमप्रकाश ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को वह विवादित मोगा (आउटलेट) संख्या 9040/आर को तुड़वाने की कार्रवाई रुकवाने के लिए साथियों सहित हिसार के उपायुक्त आवास शिकायत देने पहुंचे, लेकिन उन्हें परिसर में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया। शिकायत के अनुसार, उपायुक्त के पीए को अपील लंबित होने और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की जानकारी देने के बावजूद पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित मोगा तोड़ दिया गया। इसके बाद किसान ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
गांव संदलाना निवासी ओमप्रकाश ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जल संसाधन), मंडल आयुक्त तथा उपायुक्त को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि बनभौरी डिस्ट्रीब्यूटरी के विवादित मोगा (आउटलेट) संख्या 9040/आर के संबंध में 15 जुलाई 2026 को पारित आदेश के विरुद्ध अधीक्षण नहरी अधिकारी, हिसार के समक्ष अपील तथा स्थगन (स्टे) आवेदन पहले ही दायर किया जा चुका था। इसके बावजूद 31 जुलाई को नहरी विभाग ने पुलिस बल की सहायता से वर्षों पुराने मोगे को तोड़ दिया।
शिकायत में कहा गया है कि यह कार्रवाई माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा सिविल रिट याचिका संख्या 5639/1999 में 24 जुलाई 2001 को दिए गए आदेशों की भावना के विपरीत है। शिकायतकर्ता का दावा है कि हाईकोर्ट ने पूर्व में स्थापित जल वितरण व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने अपील लंबित होने के बावजूद कार्रवाई कर न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी की।
ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को यह पूरी जानकारी थी कि मामला सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपीलाधीन है, स्थगन आवेदन दायर किया जा चुका है और विवाद पहले ही हाईकोर्ट में निर्णीत हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस बल की मौजूदगी में मोगा तोड़ दिया गया।
शिकायत के अनुसार कार्रवाई रुकवाने के प्रयास में वह अपने साथियों के साथ 31 जुलाई को हिसार के उपायुक्त आवास पहुंचे, लेकिन उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। बाद में उपायुक्त के एक पीए से बातचीत हुई, जिन्होंने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क भी किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपील लंबित होने और हाईकोर्ट के आदेशों की जानकारी दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं रोकी गई।
शिकायत में नहरी विभाग के अधिकारियों पर कानून के शासन की अवहेलना करने तथा न्यायिक प्रक्रिया को निष्प्रभावी बनाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अथवा स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, विवादित स्थल पर यथास्थिति बहाल करने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग भी की गई है।
ओमप्रकाश ने चेतावनी दी है कि यदि समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वह माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अवमानना याचिका सहित अन्य कानूनी उपाय अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
संपर्क
ओमप्रकाश पुत्र श्री सुधान रामए निवासी ग्राम संदलाना, तहसील बरवाला, जिला हिसार
मोबाइल : 9958077347
फोटो कैप्शन: उपायुक्त आावास के बाहर ग्रामीणों के साथ खड़ा पीडि़त ओमप्रकाश।
