तीन युद्धों की भूमि पानीपत में बनेगा राष्ट्रीय शौर्य स्मारक

पानीपत: तीन ऐतिहासिक युद्धों की धरती रहे पानीपत में अब एक भव्य ‘शौर्य स्मारक’ विकसित किया जाएगा। यह स्मारक लगभग 23 एकड़ क्षेत्र में बनेगा, जिसमें छह एकड़ का काला आम्ब स्मारक भी शामिल होगा। यह परियोजना उग्राखेड़ी गांव के पास पानीपत–सनोली–हरिद्वार हाईवे के किनारे विकसित की जा रही है।
 
तीन युद्धों की भूमि पानीपत में बनेगा राष्ट्रीय शौर्य स्मारक
पानीपत: तीन ऐतिहासिक युद्धों की धरती रहे पानीपत में अब एक भव्य ‘शौर्य स्मारक’ विकसित किया जाएगा। यह स्मारक लगभग 23 एकड़ क्षेत्र में बनेगा, जिसमें छह एकड़ का काला आम्ब स्मारक भी शामिल होगा। यह परियोजना उग्राखेड़ी गांव के पास पानीपत–सनोली–हरिद्वार हाईवे के किनारे विकसित की जा रही है।

महाराष्ट्र और हरियाणा मिलकर करेंगे निर्माण

यह स्मारक हरियाणा और महाराष्ट्र सरकार की संयुक्त परियोजना के तहत बनाया जाएगा। इसके लिए लगभग 17 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा होने के करीब है। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने काला आम्ब स्मारक की सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई है।

तीन ऐतिहासिक युद्धों की भूमि

पानीपत भारतीय इतिहास के तीन बड़े युद्धों के लिए प्रसिद्ध है—

  • पहला युद्ध (1526): बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच

  • दूसरा युद्ध (1556): अकबर और हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) के बीच

  • तीसरा युद्ध (1761): मराठा साम्राज्य और अहमद शाह अब्दाली के बीच

तीसरे युद्ध में मराठा सेनापति सदाशिवराव भाऊ शहीद हुए थे। काला आम्ब स्मारक उसी स्थान पर स्थित है।

मराठा वीरों की स्मृति में बनेगा भव्य परिसर

काला आम्ब स्मारक क्षेत्र में हर साल 14 जनवरी को मराठा वीरों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां पहले से ही पर्यटकों की अच्छी संख्या पहुंचती है, खासकर महाराष्ट्र से आने वाले श्रद्धालु अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने आते हैं। नई योजना के तहत स्मारक के पास एक बड़ा पार्क, CCTV सुरक्षा, पीने के पानी, शौचालय और दिव्यांगों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़ सके।

शिवाजी महाराज की प्रतिमा भी प्रस्तावित

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले वर्ष स्थल का दौरा कर यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की थी।