हरियाली तीज महोत्सव में गूंजा नारी सम्मान, संस्कृति और सशक्तिकरण का संदेश
चण्डीगढ़, 13 अगस्त - हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन सैनी ने कहा कि हरियाली तीज का संदेश प्रकृति से भी जुड़ा हुआ है। सावन की बारिश के साथ धरती हरी चादर ओढ़ लेती है और पेड़-पौधे नए जीवन तथा नई ऊर्जा का संदेश देते हैं। इसलिए तीज के अवसर पर हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने, प्रकृति की रक्षा करने और आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ एवं हरा-भरा वातावरण तैयार करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे लगाने का आह्वान किया।
श्रीमती सुमन सैनी ने आज अम्बाला के राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय हरियाली तीज महोत्सव कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन बंतो कटारिया, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रिचा पाहवा तथा नगर निगम मेयर अक्षिता सैनी, प्रदेश सचिव गुरप्रीत कौर तथा महिला मोर्चा जिला प्रधान बीनू गर्ग ने विशेष रूप से शिरकत की।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन सैनी ने सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरियाली तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति, परंपराओं, प्रकृति और नारी शक्ति का उत्सव है। आज इस सुंदर अवसर पर महिलाओं के बीच उपस्थित होकर उन्हें खुशी और गर्व की अनुभूति हो रही है। चारों ओर हरियाली, उत्सव का माहौल, महिलाओं के चेहरों पर खुशी और बच्चों की चहक हमारी समृद्ध संस्कृति और सुंदर परंपराओं की पहचान है।
श्रीमती सुमन सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती अपनी मेहनत, सादगी और समृद्ध लोक संस्कृति के लिए जानी जाती है। यहां त्योहार केवल मनाए नहीं जाते, बल्कि उन्हें पूरी आत्मीयता और उत्साह के साथ जिया जाता है। हरियाली तीज भी हरियाणा के प्रमुख त्योहारों में से एक है। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच जब खेत-खलिहान हरियाली से भर जाते हैं, तब तीज का उत्सव वातावरण में नई उमंग और ऊर्जा भर देता है। उन्होंने कहा कि तीज हरियाणा की बेटियों और बहनों के लिए विशेष भावनाओं से जुड़ा पर्व है। यह पर्व उन्हें अपनी सखियों और परिवार के साथ खुशियां बांटने, लोक परंपराओं से जुडऩे और अपने मन की भावनाओं को गीतों तथा उत्सव के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर देता है। तीज में पीहर से आने वाली कोथली बेटी के प्रति मां के प्यार और स्नेह का प्रतीक है।
श्रीमती सुमन सैनी ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। हमारे शास्त्रों में भी कहा गया हैकृ यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवतारू। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान ही देश का सम्मान है। आज हमारी बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन, सेना, चिकित्सा, उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। हरियाणा की बेटियों ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान की संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ अपनी समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं को आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
