झींगा पालन से बहु अकबरपुर निवासी मीनाक्षी बनी आत्मनिर्भर

 
झींगा पालन से बहु अकबरपुर निवासी मीनाक्षी बनी आत्मनिर्भर

रोहतक, 02 मई। जिला के गांव बहु अकबरपुर निवासी मीनाक्षी पत्नी यशपाल झींगा पालन से लगभग 8 लाख रुपये प्रति एकड़ की आमदनी प्राप्त कर रही है। मत्स्य पालन विभाग से प्रशिक्षण लेकर 2022 में 3 एकड़ भूमि से झींगा पालन करने वाली मीनाक्षी आज 7 एकड़ में झींगा पालन कर लाखों रुपये की आय प्राप्त कर रही है। अब वे अपने पति के साथ मिलकर झींगा पालन को आगे बढ़ा रही है।


मीनाक्षी ने बताया कि सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया हैं। इस महिला किसान ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की मिशाल पेश की है। स्नातक तक शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत मीनाक्षी की शादी वर्ष 2008 में एक किसान परिवार में हुई। उनके पति निजी नौकरी करते थे। मीनाक्षी ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने में हाथ बंटाने का निर्णय लिया।


मीनाक्षी को मत्स्य पालन का विचार 2021 में समाचार पत्र के माध्यम से समाचार पढ़ कर मिला। उस समाचार के माध्यम से यह जानकारी दी गई थी कि जिस जमीन में फसलों की पैदावार कम होती है, ऐसी जमीन में झींगा पालन से लाखों रुपये की आमदनी की जा सकती है। इसके लिए नमकीन पानी की आवश्यकता होती है और यह पानी उनके खेतों में भरपूर मात्रा में उपलब्ध था।  


महिला किसान मीनाक्षी ने वर्ष 2022 में मत्स्य पालन विभाग से संपर्क कर झींगा पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके उपरांत उन्होंने वर्ष 2022 में 3 एकड़ से झींगा पालन का कार्य शुरू किया। प्रथम वर्ष झींगा पालन का कार्य देर से शुरू होने पर भी उन्हें अच्छा उत्पादन मिला तथा सरकार से भी 9 लाख रुपये अनुदान राशि प्राप्त हुई। इससे प्रेरित होकर उन्होंने झींगा पालन के व्यवसाय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।


इसके बाद मीनाक्षी ने वर्ष 2023 में 2 एकड़ और भूमि में झींगा पालन शुरू किया तथा अब उन्होंने व्यवसाय को बढ़ाकर 5 एकड़ तक कर दिया। इस वर्ष लगभग 15 टन झींगा का उत्पादन हुआ तथा बाजार में अच्छे दाम प्राप्त हुये। इसके फलस्वरूप मीनाक्षी को लगभग 8 लाख रुपये प्रति एकड़ बचत हुई। इसके उपरांत उन्होंने 2025 में झींगा पालन के कार्य को बढ़ाकर 7 एकड़ में कर दिया। अब मीनाक्षी अपने पति यशपाल के साथ मिलकर झींगा पालन से अच्छी आमदनी प्राप्त कर रही है तथा अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनी है।