हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में अब पेट्रोल पंप और मॉल्स में भी बिकेगी शराब, बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोमीटर रखने होंगे जरुरी
हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में इस बार शराब बिक्री को लेकर नया फॉर्मूला बनाया गया है। राजधानी चंडीगढ़ में अब पेट्रोल पंप, मॉल और मार्केट में भी शराब बेचने की अनुमति मिलेगी. शराब की दुकानों पर सिर्फ कैश नहीं, डिजिटल पेमेंट (जैसे कार्ड, POS मशीन) रखना भी जरूरी किया गया है. बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर भी अब लाइसेंस लेकर विदेशी शराब, वाइन और बीयर बेच सकेंगे.
बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोमीटर (शराब जांच मशीन) रखना जरूरी होगा, ताकि लोग अपना अल्कोहल लेवल चेक कर सकें. यह प्रावधान चंडीगढ़ की नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 में किए गए हैं. जिसे प्रशासक ने आज मंजूरी दी है.
पेट्रोल पंप और मॉल में शराब: नई L-2D लाइसेंस श्रेणी शुरू की गई है, जिसके तहत स्वीकृत वाणिज्यिक बाजारों, पेट्रोल पंपों और मॉल में 300 वर्ग फुट के न्यूनतम क्षेत्र वाली दुकानों में आयातित वाइन और बीयर की खुदरा बिक्री की अनुमति होगी.
487 करोड़ की कमाई की
25 मार्च को आयोजित ई-टेंडरिंग के दूसरे चरण में 11 ठेकों की ऑक्शन के लिए 19 बोलियां प्राप्त हुईं, जिनसे 53.94 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 62.38 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया गया, जो कि लक्ष्य से 15.64% अधिक रहा. इसके अतिरिक्त 38 लाख रुपये बतौर भागीदारी शुल्क भी प्राप्त हुए. इससे पूर्व 19 मार्च को पहले चरण में 82 ठेकों की बोली से आरक्षित 376.24 करोड़ रुपये के मुकाबले 487.68 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था.
अब कुल मिलाकर चंडीगढ़ की नई आबकारी नीति से प्रशासन को 93 ठेकों से 430.18 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक यह नई शराब नीति लागू होगी. नई नीति में 16.71 करोड़ रुपये में पलसोरा का ठेका सबसे महंगा बिका. वह धनास में ठेके की बोली 12.27 करोड़ रुपये लगी. इसी तरह, सेक्टर-61 का ठेका 11.52 करोड़ रुपये में बिका औऱ तीसरे स्थान पर रहा.
