लुवास में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन आयोजित, वैज्ञानिक पशुपालन पर जोर प्रगतिशील किसान सम्मानित

 
 लुवास में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन आयोजित, वैज्ञानिक पशुपालन पर जोर प्रगतिशील किसान सम्मानित

हिसार, 17 जून।
केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार द्वारा बुधवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू), हिसार के इंदिरा गांधी सभागार में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए किसानों, पशुपालकों, प्रगतिशील कृषकों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा रहे, जबकि नलवा विधायक रणधीर पनिहार एवं हिसार के महापौर प्रवीण पोपली विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लुवास के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा ने की। इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि रणबीर गंगवा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा केंद्र एवं हरियाणा सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन बीमा, डेयरी विकास, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और स्वरोजगार आधारित योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बना सकते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक पशु प्रबंधन, संतुलित पशु आहार, आधुनिक तकनीकों तथा उन्नत नस्लों को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए विज्ञान आधारित दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है।
कैबिनेट मंत्री ने स्वदेशी पशु नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन को राष्ट्रीय आवश्यकता बताते हुए किसानों एवं पशुपालकों से श्रेष्ठ पशुओं के प्रजनन को बढ़ावा देने तथा वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से हरियाणा को पशुधन विकास एवं नस्ल संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है। विश्वविद्यालय द्वारा किसानों और पशुपालकों के हित में किए जा रहे अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन ग्रामीण क्षेत्रों तक नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों एवं सरकारी योजनाओं को पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समृद्ध पशुधन, समृद्ध किसान, समृद्ध हरियाणा का नारा देते हुए पशुधन विकास एवं स्वदेशी नस्लों के संरक्षण के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि एवं नलवा विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि पशुपालन आज किसानों की आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों से विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान आधारित सुझावों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पशुधन क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं तथा वैज्ञानिक पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।