हरियाणा IDFC बैंक घोटाले में अकाउंट ऑफिसर को सताने लगा था गिरफ़्तारी का डर, सचिवालय की 8वीं मंजिल से कूदकर दी जान  

 
हरियाणा IDFC बैंक घोटाले में अकाउंट ऑफिसर को सताने लगा था गिरफ़्तारी का डर, सचिवालय की 8वीं मंजिल से कूदकर दी जान  
Naya Haryana : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े ₹590 करोड़ के घोटाले में हरियाणा पावर जनरेशन कॉपोर्रेशन लिमिटेड (HPGCL) के अकाउंट ऑफिसर के सुसाइड के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग के CFO अमित दीवान की बर्खास्तगी के बाद बलवंत सिंह को अपनी गिरफ्तारी का डर था।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को जब अमित दीवान के बर्खास्तगी के आदेश का पता बलवंत सिंह को चला तो वह सीधा चंडीगढ़ में हरियाणा सचिवालय के लिए रवाना हो गए। पांचवीं मंजिल पर विजिटर पास लेने के बाद बलवंत सचिवालय में रैंप के रास्ते आठवीं मंजिल पर पहुंचे, जहां उन्होंने पहले अपना मोबाइल बाहर रखा और फिर छलांग लगा दी। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, बैंक घोटाले के मामले की जांच अब CBI के पास है। यह भी सामने आया है कि CBI ने सोमवार सुबह 11 बजे बलवंत को पूछताछ के लिए बुलाया था। बलवंत ने अधिकारियों से अतिरक्त समय मांगते हुए दोपहर 3 बजे पहुंचने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने सुसाइड कर लिया। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले की सेक्टर-3 जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। शव को सेक्टर-16 के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है, जिसका आज पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

2007 में नौकरी लगे

मिली जानकारी के अनुसार, बलवंत सिंह (45) मूल रूप से झज्जर के मुंडाहेड़ा गांव के रहने वाले थे। वह बिजली निगम में 2007 में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। उनके दो भाई भी हैं- कृष्ण, वह आर्मी में कार्यरत हैं। दूसरे भाई अशोक हरियाणा रोडवेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, बलवंत सिंह का परिवार काफी समय से पंचकूला के पास बलटाना के एकता विहार में रह रहा है। बलवंत सिंह के पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित HPGCL दफ्तर में तैनात थे।