हरियाणा में 5 लाख की रिश्वत लेने वाले BDPO मामले में SDM का नाम आने से मचा हड़कंप

 
हरियाणा में 5 लाख की रिश्वत लेने वाले BDPO मामले में SDM का नाम आने से मचा हड़कंप
Naya Haryana : हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा के कैथल में ACB की टीम ने गुहला BDPO जगजीत सिंह को पांच लाख रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपित को शनिवार को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता संदीप ने BDPO के साथ हुई बातचीत को रिकार्ड कर लिया था। वाइस रिकार्डिंग में BDPO SDM गुहला का भी नाम ले रहे हैं। ACB की तरफ से इतनी बड़ी रिश्वत लेने में कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच की जा रही है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, बता दें कि कुछ समय पूर्व गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने सार्वजनिक रूप से उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें 'झुनझुना' भेंट करने की कोशिश की थी, उस समय विधायक ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि अधिकारी का काम सिर्फ पैसा कमाना रह गया है। अब ACB की टीम डिजिटल साक्ष्यों और काल डिटेल्स को खंगाल रही है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता गांव बदसूई निवासी संदीप सिंह ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को दिए अपने बयान में बताया कि जब वह अपने मकान को गिराए जाने के नोटिस के समाधान के लिए BDPO से मिला तो अधिकारी ने बिना कुछ बोले हाथ की पांच उंगलियां दिखाकर पांच लाख रुपये की मांग का संकेत दिया, उसने कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं है, मैं डेढ़ एकड़ जमीन का मालिक हूं, गुजारा ही मुश्किल से चलता है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, संदीप ने बताया कि फोन पर जब उसने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए असमर्थता जताई तो BDPO ने स्पष्ट किया कि इस राशि में वह अकेला हिस्सेदार नहीं है, BDPO ने साफ तौर पर कहा कि SDM साहब को भी देना है। ACB इंस्पेक्टर सूबे सिंह सैनी ने बताया कि BDPO को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, रिश्वत लेने में BDPO के अलावा कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच की जा रही है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, संदीप का कहना है कि वर्ष 2000 के एक पुराने अदालती फैसले के खिलाफ उनके पास सिविल अदालत और कमिश्नर अदालत का स्टे (स्थगन आदेश) मौजूद है। इसके बावजूद, BDPO जगजीत सिंह नियमों को ताक पर रखकर मकान गिराने का दबाव बना रहा था।

मिली जानकारी के अनुसार,अधिकारी ने बाकायदा मकान ढहाने का पत्र जारी कर दिया था, ताकि पीड़ित परिवार डर जाए और मोटी रकम देने को तैयार हो जाए। मैंने लोगों से उधार लेकर पांच लाख रुपये एकत्रित किए, इसके बाद BDPO को पांच लाख रुपए रिश्वत दी। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, गुहला SDM प्रमेश सिंह ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, इसमें कौन शिकायतकर्ता है, उसे भी नहीं जानता, ऐसे तो कोई भी किसी पर आरोप लगा सकता है। ये सभी आरोप पूरी तरह से झूठे हैं।