हरियाणा में SP ने चौकी इंचार्ज ASI को किया सस्पेंड, जाने इसकी बड़ी वजह ?

 
हरियाणा में SP ने चौकी इंचार्ज ASI को किया सस्पेंड, जाने इसकी बड़ी वजह ?
Naya Haryana : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के ज्योतिसर चौकी इंचार्ज ASI संदीप सिंह को उनके पद से सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, मामला कैथल जिले में हुई ग्रीवेंस कमेटी से जुड़ा है। ASI संदीप सिंह को सस्पेंड करने के लिए मीटिंग में कैबिनेट मंत्री विज और कैथल की तत्कालीन SP उपासना सिंह के बीच बहस हो गई थी।

जानकारी के मुताबिक, 8 अप्रैल को ASI संदीप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। मामले को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से जांच करवाई गई। इसकी जांच कुरुक्षेत्र DSP हेडक्वार्टर सुनील ने की। शुरुआत में ASI संदीप सिंह की भूमिका ठीक नहीं थी, जिस आधार पर SP कुरुक्षेत्र चन्द्र मोहन के आदेश पर ASI तत्काल प्रभाव से उनको सस्पेंड कर दिया। साथ ही डिपार्टमेंटल इंक्वारी के आदेश दिए। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, 2-3 दिन बाद ASI संदीप सिंह को बहाल भी कर दिया गया। अभी ASI संदीप सिंह कुरुक्षेत्र पुलिस लाइन में ड्यूटी कर रहे हैं, हालांकि अभी जांच चल रही है।

जमीन घोटाले का आरोप

जानकारी के मुताबिक, ASI संदीप सिंह पर 7 लाख रुपए की जमीन घोटाले और वित्तीय ठगी का गंभीर आरोप है। DSP हेडक्वार्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह केस कैथल जिले के थाना तितराम में दर्ज है, जिसमें BNS की धारा 316(2) और 318(4) लगी हुई है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, मामले में शिकायतकर्ता ने जिला कैथल ग्रीवांस कमेटी की बैठक में 13 फरवरी 2026 को अपनी शिकायत रखी। जांच में ASI ने मौखिक रूप से स्वीकार कर लिया कि उन्होंने शिकायतकर्ता पक्ष से 7 लाख रुपए लिए थे। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, ASI संदीप सिंह ने निजी फायदे के लिए यह सब किया, इससे पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। विभागीय अनुशासन की अनदेखी करने के साथ-साथ उन पर गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता का आरोप है। Haryana News

डिपार्टमेंटल जांच

मिली जानकारी के अनुसार, कैथल में ग्रीवेंस कमेटी के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज और SP उपासना सिंह के बीच बहस के बाद उस ASI संदीप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। कुरुक्षेत्र SP चन्द्र मोहन ने SI संदीप सिंह को 8 अप्रेल को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन 2-3 दिन बाद उनको बहाल कर दिया। हालांकि मामले की डिपार्टमेंटल जांच चलेगी।