हरियाणा में अब घर बैठे मिलेगा बिल्डिंग प्लान अप्रूवल, किसानों को व्हाट्सएप पर पहुंचे जे-फार्म
मुख्यमंत्री ने हरियाणा निवास में आयोजित प्रैसवार्ता के दौरान प्रदेश के आमजन और किसानों को इन दो बड़ी सौगातों के अलावा 24 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 2 हजार 115 करोड़ 41 लाख रुपये राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जारी किए। इसके तहत 58 लाख 87 हजार 479 पात्र लाभार्थियों को लाभ मिला है।
ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम शुरू
हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के डिजिटल प्लेटफार्म की शुरुआत की है। अब इस प्लेटफॉर्म से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लॉट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिलेगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लान्ड रिहायशी प्लॉट्स की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की जा रही है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने कहा कि इससे आम आदमी को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
जे—फार्म भेजे किसानों को व्हाट्सएप पर
उन्होंने कहा कि आज जे-फार्म किसानों को व्हाट्सएप पर भेजे गए है, भविष्य में भी ऐसे ही मिलेंगे। सरकार ने 25 अप्रैल को चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एम.एस.पी. पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसान के व्हाट्सएप पर भेजे जाने की घोषणा की थी। 6 मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किये गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा।
हरियाणा में गेहूं खरीद के व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में गत 1 अप्रैल से 7 मई तक मंडियों में 84 लाख 18 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाॅयोमैट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन एवं समेकन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम.पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री चंद्रशेखर खरे, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक श्री अंशज सिंह, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासक) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीन आत्रेय भी उपस्थित रहे।
