हरियाणा में पिछले 21 महीने में 55 भर्तियों में 31% पद खाली, कटऑफ को लेकर उठे सवाल
हरियाणा में एक बार फिर सरकारी भर्तियों के परिणाम और कटऑफ को लेकर बड़ा सवाल उठा है। राज्य में पिछले 21 महीने में वर्ग-1, 2 की 55 भर्तियां हुई। लेकिन इसमें 31% पद खाली रह गए।
इसको लेकर एक रिपोर्ट भी सामने आई है। जिसमें बताया गया है कि न्यूनतम 35% कटऑफ की शर्त के कारण सरकारी भर्तियों में बड़ी संख्या में पद खाली रह गए।
रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछले 21 महीनों (जनवरी 2025 से सितंबर 2026) के दौरान वर्ग-1 और वर्ग-2 की 55 भर्तियों में कुल 6,222 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि, इनमें से केवल 69% पद ही भर पाए और करीब 31% पद खाली ही रह गए।
इनमें से कुछ अभ्यर्थियों ने दो-दो बार भी परीक्षा दी। लेकिन इसके बावजूद वह बाहर हो गए और सीटें खाली रह गई। इसके पीछे 35% न्यूनतम कटऑफ को एक प्रमुख कारण बताया गया है।
वहीं एक्सपर्ट ने भी परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए है। एक्सपर्ट का मानना है कि सिर्फ न्यूनतम कटऑफ तय कर देना काफी नहीं है। परीक्षा का सिलेबस, विषय-वस्तु और प्रश्नों का स्तर स्पष्ट होना चाहिए, ताकि प्रश्न-पत्र इस तरह बने, जिससे अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवार न्यूनतम कटऑफ हासिल कर सकें।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि प्राप्तांकों के आधार पर अधिकतम 10 अंक या 10% तक का अतिरिक्त वेटेज देने जैसी व्यवस्था से अलग-अलग श्रेणियों में कटऑफ के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
एक तरफ जहां योग्य उम्मीदवार होने के बावजूद युवाओं के हाथ से नौकरी के अवसर निकल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों में पद खाली पड़े हैं। हालांकि, हरियाणा सरकार ने विभागों को नियमित रिक्त पदों की जानकारी अपडेट कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
