हरियाणा में वोटरों के लिए जरुरी खबर, इन 11 डॉक्यमेंट्स को दिखाकर बनवा सकते हैं दोबारा वोट, जानिये दावे और आपत्तियों की पूरी प्रक्रिया
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा के निर्देशानुसार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 28 सितंबर 2026 तक सभी दावे व आपत्तियों का निपटान कर दिया जाएगा। दावे व आपत्तियों के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं होगा। नागरिक अपने साफ दिखाई देने वाले दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाणा-पत्र, स्थायी निवासी, पुराना मतदात पहचान-पत्र आदि पेश करें ताकि दावे व आपत्तियों का निपटान सही हो सकें।
डीसी ने बताया कि दावे व आपत्तियां शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से जिन मतदाताओं के विवरण मेंं तार्किक त्रुटिया या जिनका मिलान नही हो पा रहा तथा आधार कार्ड दावे व आपत्तियों में मान्य नहीं है। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें तथा किसी प्रकार की त्रुटि होने पर निर्धारित अवधि के भीतर अपना दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने, संशोधन अथवा किसी त्रुटि के संबंध में पात्र नागरिक 30 अगस्त 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनरीक्षण कार्य को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए।
दावे व आपत्तियों में काम आने वाले दस्तावेज
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दावे व आपत्तियों की सुनवाई में सरकार द्वारा 11 दस्तावेज मान्य किए गए हैं। आधार कार्ड मान्य नही है। सबसे आसान तरीको में यदि किसी परिवार के पास 2002/पुरानी एसआईआर मतदाता सूची में अपना, माता-पिता या परिवार के सदस्य का नाम मिल जाता है, तो उस पुराने रिकॉर्ड को पेश कर सकते हैं।
इसके साथ ही जन्म प्रमाण-पत्र, भारतीय पासपोर्ट, 10 वीं/12 वीं का प्रमाण-पत्र/स्कूल या विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षणिक रिकॉर्ड, सरकारी जन्म रिकॉर्ड, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, सरकारी/स्थानीय निकाय का रिकॉर्ड, भूमि/मकान संबंधी पुराने सरकारी रिकॉर्ड, सरकारी कर्मचारी का सेवा रिकॉर्ड, पुरानी मतदाता सूची में स्वयं/माता-पिता का नाम आदि दस्तावेज पेश कर सकते हैं।
इसके अलावा अन्य सरकारी दस्तावेज जिनसे जन्म, माता-पिता का संबंध या भारत में निवास/नागरिकता संबंधी स्थिति स्थापित हो सके दावे व अपत्ति में प्रयोग कर सकते हैं। एक जुलाई 1987 से पहले जन्म लोक सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू द्वारा कोई भी पहचान, प्रमाण पत्र या दस्तावेज दे सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाईन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
