Haryana: हरियाणा में 1 अप्रैल से रद्दी हो जाएंगे आपके सर्टिफिकेट, अब दोबारा करना होंगे ये आवेदन ?

 
Haryana: हरियाणा में 1 अप्रैल से रद्दी हो जाएंगे आपके सर्टिफिकेट, अब दोबारा करना होंगे ये आवेदन ?
Haryana: हरियाणा के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आ सामने आ रही है। हरियाणा में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है, जिसे जानना उनके लिए बहुत जरूरी है। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार, आरक्षित श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले BC-A (पिछड़ा वर्ग-A), BC-B (पिछड़ा वर्ग-B) और EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के प्रमाण पत्रों की वैधता 31 मार्च 2026 से समाप्त है।

मिली जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष (2026-27) के साथ ही पुराने प्रमाण पत्र केवल रद्दी का टुकड़ा रह जाएंगे। HSSC और HPSC की आगामी सभी भर्तियों में अब केवल नए प्रमाणपत्रों को ही स्वीकार किया जाएगा। Haryana News

क्यों जरूरी है ?

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग के अनुसार, इन तीन श्रेणियों (BC-A, BC-B और EWS) का आरक्षण वार्षिक पारिवारिक आय पर आधारित होता है। चूंकि वित्तीय वर्ष 2025-26 31 मार्च से खत्म है, इसलिए पिछले साल की आय के आधार पर जारी किए गए सर्टिफिकेट 1 अप्रैल से वैध नहीं रहेंगे। 

यदि किसी अभ्यर्थी ने जनवरी 2026 में बढ़ी हुई आय सीमा (8 लाख रुपये) के बाद भी नया सर्टिफिकेट बनवाया था, तो उसकी वैधता भी 31 मार्च के बाद की वैध नहीं मानी जाएगी। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए सिरे से आवेदन करना होगा। पोर्टल पर भारी लोड से बचने के लिए 1 अप्रैल से ही सरल हरियाणा (Saral Haryana) पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दें।

असर नहीं

जानकारी के मुताबिक, वे अभ्यर्थी जिनकी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) किसी पुरानी भर्ती (जो 31 मार्च से पहले विज्ञापित हुई थी) के लिए चल रही है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनके लिए विज्ञापन के समय वाला सर्टिफिकेट ही मान्य होगा। Haryana News

HSSC चेयरमैन

आयोग के सूत्रों के अनुसार, आगामी महीनों में ग्रुप-C और ग्रुप-D के नए पदों के लिए विज्ञापन जारी होने की संभावना है। मिली जानकारी के अनुसार, ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने दस्तावेज समय रहते तैयार कर लें ताकि फॉर्म भरते समय किसी भी तकनीकी या कानूनी अड़चन का सामना न करना पड़े।