Haryana Weather: हरियाणा में ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड, तीन जिलों में एक साथ माइनस तापमान

 
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Haryana Weather: हरियाणा में ठंड ने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश के मौसम इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब तीन जिलों में एक साथ न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। यह दुर्लभ रिकॉर्ड हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) द्वारा विभिन्न जिलों में लगाए गए मौसम उपकरणों के माध्यम से दर्ज किया गया।

रिकॉर्ड के अनुसार, महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान -0.5 डिग्री सेल्सियस, सिरसा में -0.3 डिग्री और हिसार के HAU कैंपस व बालसमंद क्षेत्र में -0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता लगभग शून्य के स्तर तक पहुंच गई।

मैदानी इलाकों में हिसार सबसे ठंडा क्षेत्र

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पूरे देश के मैदानी इलाकों में हिसार सबसे ठंडा क्षेत्र रहा। IMD के आधिकारिक रिकॉर्ड में हिसार का न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। लगातार शीतलहर और बर्फीली हवाओं के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

16 जनवरी से बदलेगा मौसम, बूंदाबांदी के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 17 जनवरी से प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

इन जिलों में अलर्ट जारी

पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, सोनीपत, रोहतक में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात (नूंह), पलवल में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 

पंचकूला, अंबाला, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखी दादरी में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया गया है। कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल में कोल्ड डे का अलर्ट जारी हुआ है। 

मौसम इतिहास में दुर्लभ घटना

IMD के रिकॉर्ड आर्काइव के अनुसार, हिसार, सिरसा और महेंद्रगढ़ में एक साथ माइनस तापमान दर्ज होना बेहद दुर्लभ घटना है। वर्ष 2008 में हिसार में न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री तक गया था, लेकिन तब सिरसा और नारनौल माइनस में नहीं पहुंचे थे।

जनवरी 2012 में नारनौल (महेंद्रगढ़) में -0.5 डिग्री दर्ज हुआ था, पर उस समय हिसार और सिरसा में माइनस तापमान नहीं था। वर्ष 2026 में पहली बार तीनों जिलों महेंद्रगढ़, सिरसा और हिसार में एक साथ माइनस तापमान दर्ज किया गया है।

महेंद्रगढ़ में पहाड़ियों का प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, महेंद्रगढ़ क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों से सटे होने के कारण रेडिएशन कूलिंग का प्रभाव अधिक देखने को मिला। इसका असर यह रहा कि सुबह के समय पशुओं के चारे और पेयजल की टंकियों में बर्फ जमी हुई पाई गई।