हरियाणा में चौटाला सरकार की तर्ज पर प्रदेश में फिर बनेगा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, सभी संस्थानों को मिलेगी मजबूत सुरक्षा

 
हरियाणा में चौटाला सरकार की तर्ज पर प्रदेश में फिर बनेगा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, सभी संस्थानों को मिलेगी मजबूत सुरक्षा
Naya Haryana : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में सरकारी कार्यालयों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक व निजी संस्थानों को उत्कृष्ट स्तर की सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) गठित करने की तैयारी है।

जानकारी के मुताबिक, बल के जवानों और अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए राज्य औद्योगिक सुरक्षा अकादमी भी गठित की जाएगी। बिजली विभाग ने शीर्ष अधिकारियों को महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम अधिनियम-2010 की प्रतिलिपि भेजते हुए प्रस्ताव पर सुझाव मांगे हैं, ताकि जल्द ही होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में इस पर चर्चा की जा सके। Haryana News

नौकरी से निकाला

मिली जानकारी के अनुसार, इससे पहले वर्ष 2004 में तत्कालीन CM स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला की सरकार ने हरियाणा औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन कर प्रदेश में पांच बटालियन बनाई थी। इसमें साढ़े तीन हजार सिपाही, 429 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित चार हजार जवानों की नियमित भर्ती की गई। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, इन्हें प्रशिक्षण के बाद नियुक्ति भी दे दी गई थी, लेकिन वर्ष 2005 में तत्कालीन CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में बनी सरकार ने विवादित हरियाणा औद्योगिक सुरक्षा बल कानून को खत्म कर इन्हें नौकरी से निकाल दिया। Haryana News

सुदृढ़ होने की उम्मीद

मिली जानकारी के अनुसार, 21 साल बाद अब फिर से राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल गठित करने की कवायद शुरू हुई है। UHBVN के पंचकूला और रोहतक के मुख्य अभियंताओं तथा साेनीपत, रोहतक और झज्जर के अधीक्षक अभियंताओं को पत्र जारी किया गया है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, जिसमें डिवीजन आफिस, सर्कल आफिस, सब डिविजन ऑफिस और संवेदनशील 33केवी सब स्टेशनों के लिए कितने सुरक्षा कर्मचारियों की आवश्यकता होगी, इसकी जानकारी मांगी गई है। इनमें सशस्त्र मुख्य रक्षक, सशस्त्र सुरक्षा रक्षक, मुख्य रक्षक और सुरक्षा रक्षक के पद शामिल हैं। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक विरोध, तोड़फोड़ और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन से बिजली ढांचे की सुरक्षा व्यवस्था अधिक पेशेवर और सुदृढ़ होने की उम्मीद है।