हरियाणा में आपदा प्रबंधन में बढ़ेगी युवाओं की भागीदारी, 14 जिलों में 5,200 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षित युवाओं को एमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट, तीन वर्ष का जीवन एवं चिकित्सा बीमा कवर
चंडीगढ़, 17 सितंबर-हरियाणा सरकार ने आपदा प्रबंधन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य के 14 जिलों में 5,200 और युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना तैयार की है। प्रत्येक प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक को एमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट उपलब्ध कराई जाएगी तथा तीन वर्ष का जीवन एवं चिकित्सा बीमा कवर भी दिया जाएगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां राज्य आपदा प्रबंधन कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ‘युवा आपदा मित्र योजना’ के तहत वर्ष 2025-26 में प्रदेश के आठ जिलों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केन्द्र संगठन (एनवाईकेएस) और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के 5,400 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
अब इस योजना का विस्तार शेष 14 जिलों में ‘हरियाणा युवा आपदा मित्र योजना’ के रूप में किया जाएगा, जिसके तहत जिलों की जनसंख्या एवं आपदा जोखिम की स्थिति के आधार पर 5,200 और युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्वयंसेवकों का चयनएनसीसी), एनएसएस, एनवाईकेएस तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के नामित नोडल अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की होगी।
चयनित स्वयंसेवकों को 35 से 50 प्रतिभागियों के बैच में सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित मॉड्यूल के अनुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में बाढ़ के दौरान सुरक्षा एवं बचाव, अग्निशामक यंत्रों के उपयोग, खोज एवं बचाव तकनीक, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन स्थिति में आवश्यक बुनियादी प्रतिक्रिया से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को जिला प्रशासन के साथ जोड़ा जाएगा और जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा राज्य आपदा मोचन बल द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल एवं आपातकालीन तैयारियों से संबंधित अभ्यासों में उनकी सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा, बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, राहत सामग्री वितरण तथा मानवीय सहायता संबंधी कार्यों में भी ये स्वयंसेवक प्रशासन का सहयोग करेंगे।
बैठक में प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को पहले ही जारी की जा चुकी मुआवजा राशि को कार्योत्तर स्वीकृति देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2024-25 की रबी फसल को बारिश एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए 52.14 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। बैठक में वर्ष 2025 की खरीफ फसल को भारी बारिश एवं जलभराव से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी समीक्षा की गई, जिसके तहत 116.15 करोड़ रुपये तथा 370.52 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री मनी राम शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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