Haryana : हरियाणा में इन पेड़ों को मिलेगी 3,000 वार्षिक पेंशन, जानें क्या है सरकार की योजना 

 
These trees in Haryana will receive an annual pension of ₹3,000.
Haryana : हरियाणा सरकार ने ‘प्राण वायु देवता पेंशन योजना’ (PVDPS) का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश में अब कुल 5,360 पुराने पेड़ों को इस योजना के तहत कवर किया जाएगा। सरकार ने इन पेड़ों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली पेंशन राशि में भी बढ़ोतरी की है, जिसे अब 3,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है।

पहले इस योजना के तहत लगभग 3,800 पेड़ों को चिन्हित किया गया था, लेकिन नए सर्वे और आवेदनों के सत्यापन के बाद अब इनकी संख्या बढ़कर 5,360 हो गई है। केवल वे पेड़ जो 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने हैं, इस पेंशन के हकदार हैं। शुरुआत में यह राशि 2,500 थी, जिसे बढ़ाकर 2,750 और अब 3,000 कर दिया गया है। यह राशि बुढ़ापा सम्मान पेंशन की तर्ज पर हर साल बढ़ाई जाती है।

किसे मिलेगा लाभ?

यह पेंशन सीधे उस व्यक्ति, पंचायत या संस्था के बैंक खाते में जाएगी, जिसकी निजी या सार्वजनिक भूमि पर वह पेड़ खड़ा है। इस राशि का उपयोग पेड़ की खाद, पानी, घेराबंदी (Fencing) और बीमारियों से बचाने के लिए किया जाएगा।इसमें मुख्य रूप से पीपल, बरगद, नीम, जंड, गूलर और आम जैसी 40 से अधिक स्वदेशी प्रजातियां शामिल हैं। वन विभाग की जमीन पर खड़े पेड़ों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।

देश का पहला ऐसा राज्य बना हरियाणा

हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने बुजुर्ग पेड़ों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि ये पुराने पेड़ 'प्राकृतिक धरोहर' हैं जो युवा पेड़ों की तुलना में कहीं अधिक ऑक्सीजन देते हैं और जैव विविधता को बनाए रखते हैं।