Haryana: हरियाणा में HSVP को E-नीलामी से जुड़े ये निर्देश जारी, देखें पूरी जानकारी
आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि ई-नीलामी के माध्यम से प्लॉट आवंटन से पूर्व संबंधित स्थल पर विकास कार्यों का पूर्ण होना आवश्यक है, ताकि आवंटी बिना किसी असुविधा के निर्माण कार्य कर सकें। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह एक निहित शर्त है कि विकास कार्य पूरे किए बिना किसी भी प्लॉट को ई-नीलामी में नहीं डाला जाना चाहिए।
आयोग के संज्ञान में आया कि 11 अक्टूबर, 2023 को HSVP द्वारा आवंटन पत्र जारी करते हुए प्लॉट का कब्जा भी ऑफर कर दिया गया, जबकि मौके पर विकास कार्य पूर्ण नहीं थे। इसके साथ ही, आवंटन पत्र की शर्तों के अनुसार 30 दिनों के भीतर कब्जा न दिए जाने की स्थिति में देय ब्याज का भुगतान भी लंबे समय तक नहीं किया गया।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने एस्टेट ऑफिसर–II, फरीदाबाद को निर्देश दिए हैं कि संबंधित आवंटी को देय विलंब ब्याज का भुगतान किया जाए तथा कब्जा तिथि से संबंधित आवश्यक औपचारिक संशोधन करते हुए उपयुक्त पत्र जारी किया जाए। इसके साथ ही निर्धारित समय-सीमा में आयोग को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम, 2014 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आयोग ने संशोधन कर्ता सुश्री उषा कुमार को 5,000 रुपये का मुआवजा प्रदान किया है, जिसका भुगतान HSVP द्वारा निर्धारित समय-सीमा में किया जाए।
आयोग ने आशा व्यक्त की है कि HSVP द्वारा भविष्य में ई-नीलामी से पूर्व विकास कार्यों को पूरा करने संबंधी निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाएगा। साथ ही, जिन मामलों में किसी कारणवश कब्जा देने में विलंब हो रहा है, वहाँ आवंटियों को समय-समय पर प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और आवंटियों को अनावश्यक असुविधा न हो।
