Haryana: हरियाणा के गुरुग्राम में धारा 163 के बीच तनाव, IMT की सभी कंपनियों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
Naya Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में गुरुग्राम के मानेसर में धारा 163 लागू होने के बावजूद IMT में तनाव पूर्ण माहौल बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक, यहां हड़ताली कर्मचारी काम पर लौटने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीमें कंपनियों के बाहर तैनात हैं। कर्मचारियों को फैक्ट्री गेट के पास इकट्ठा होने से रोका जा रहा है। पुलिस की टीमें कर्मचारियों को खदेड़ रही है और उन्हें किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। Haryana News
पुलिस से नोकझोंक
मिली जानकारी के अनुसार, हड़ताली कर्मचारियों में महिलाएं भी शामिल रहीं। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया तो नोकझोंक हुई। धक्का-मुक्की कर पुलिसकर्मियों का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों का कहना था कि यह उनकी हक की लड़ाई है, जिसमें प्रबंधन और उनके बीच का मामला है। पुलिस को बीच में नहीं आना चाहिए और न ही प्रबंधन की तरफदारी करनी चाहिए।
इकट्ठा होने पर प्रतिबंध
जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मांगें पूरी न होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। धारा 163 के तहत पांच या इससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके बावजूद कुछ जगहों पर छोटे-छोटे समूह बनते देखे गए। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। Haryana News
पुलिस बल का इस्तेमाल
कर्मचारियों का आरोप लगाया है कि पुलिस बल का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। अभी तक कोई अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है और प्रशासन व पुलिस के अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ नजर बनाए हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों का आरोप लगाया है कि पुलिस बल का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। अभी तक कोई अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है और प्रशासन व पुलिस के अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ नजर बनाए हुए हैं।
जाने पूरा मामला...
हरियाणा के गुरुग्राम में IMT मानेसर की होंडा कंपनी के बाद अब आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को हड़ताल की। जानकारी के मुताबिक, करीब दस हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी शर्तों की मांग को लेकर अपनी-अपनी कंपनी गेट के बाहर हड़ताल पर बैठ गए।
मिली जानकारी के अनुसार, इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल रहीं। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया तो नोकझोंक हुई। धक्का-मुक्की कर पुलिसकर्मियों का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों का कहना था कि यह उनकी हक की लड़ाई है, जिसमें प्रबंधन और उनके बीच का मामला है। पुलिस को बीच में नहीं आना चाहिए और न ही प्रबंधन की तरफदारी करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप भी लगाया।
जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों के हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी। DC ने बताया कि पुलिस के इनपुट यह धारा-163 लागू की गई है। उधर, देर शाम सात बजे तक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद कंपनियों में छुट्टी होने के बाद सभी कर्मचारी अपने घर चले गए। कहना था कि कल भी उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
मिली जानकारी के अनुसार, DC अजय कुमार ने देर शाम बयान जारी किया। कहा कि सरकार की तरफ से न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की गई है। यह एक अप्रैल से लागू हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, बताया कि अकुशल श्रमिकों का वेतन 11275 से बढ़ कर 15220, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12430 से बढ़ कर 16780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13704 से बढ़ कर 18500 रुपए किया गया है। उच्च कुशल का वेतन 14389 से बढ़ कर 19425 रुपए हो जाएगा। यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है।
उद्यमी बोले-
उद्यमियों का कहना है कि यदि प्रबंधन और सरकार ने तुरंत संवाद नहीं किया तो यह आंदोलन अन्य फैक्ट्रियों में फैल सकता है, जिसका सीधा असर ऑटोमोबाइल्स सेक्टर की सप्लाई चेन पर पड़ेगा। हालांकि, देर शाम DC अजय कुमार ने बयान जारी किया।
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की गई है। यह एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। कर्मचारियों से अपील की कि वे संयम बरतें। उधर, देर रात तक संबंधित कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया था।
