Haryana: हरियाणा में DC के इन अधिकारियों को सख्त निर्देश, राजस्व कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं
उन्हें अवगत कराया गया कि 24 मार्च से 4 अप्रैल तक 2000 इंतकाल मामलों का निपटान किया गया है।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन इंतकालों पर कोई विवाद नहीं है, उन्हें तुरंत तस्दीक किया जाए। शनिवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी विशेष अभियान चलाकर इंतकाल मामले निपटाए जाएं।
आम जनता को न हो परेशानी
बैठक में उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा, "प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है। लोगों को अपने छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।" उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने कार्यालयों में पेंडेंसी की रिपोर्ट रोजाना चेक करें।
राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सरकारी बकाया राशि के संग्रह में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व का समय पर संग्रह विकास कार्यों के लिए अनिवार्य है। फील्ड स्टाफ और पटवारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में जाकर प्रक्रिया को गति दें।
उपायुक्त ने कहा कि यदि आगामी बैठक तक कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने और पटवारियों के कार्यों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
इस बैठक में जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
