Haryana: हरियाणा में कोटक महिंद्रा बैंक में 145 करोड़ का घोटाला, अब हुआ ये बड़ा खुलासा...

 
Haryana: हरियाणा में कोटक महिंद्रा बैंक में 145 करोड़ का घोटाला, अब हुआ ये बड़ा खुलासा...
Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के सरकारी विभागों में 590 करोड़ रुपए के घोटाले में अब तक चंडीगढ-मोहाली के 2 बैंकों का नाम सामने आया था। मिली जानकारी के अनुसार, अब तीसरा बैंक भी फ्रॉड केस से जुड़ गया है। कोटक महिंद्रा बैंक में भी करीब 145 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ है। मामला 6 दिन से चल रहा था, लेकिन अभी तक अधिकारियों ने इसे दबा रखा था।

मिली जानकारी के अनुसार, पंचकूला नगर निगम ने सेक्टर-11 की कोटक महिंद्रा (Kotak Mahindra) बैंक शाखा में अकाउंट खुलवाया था। जिसमें नगर निगम की 16 FD इसी ब्रांच में थी। इन FD को SBI बैंक से ट्रांसफर करवाया गया था। अब सामने आ रहा है कि 5 FD का बैंक में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। जिसके बाद अधिकारियों के पसीने छूट गए। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के अधिकारियों ने आनन-फानन में बैंक और हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया है। जिसके बाद Kotak Mahindra बैंक भी एक्टिव हुआ और पंचकूला की DCP के नाम पर एक शिकायत सौंपी है। जिसकी जांच DCP ऑफिस के द्वारा इॅकानोमिक्स विंग को सौंपी गई है।

जाने कैसे हुआ खुलासा…

मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा के सरकारी विभागों के साथ हुए फ्रॉड का खुलासा हुआ तो अधिकारियों ने Kotak Mahindra बैंक को पत्र लिखकर अपनी FD को मैच्योर होने पर वापस दिए जाने की बात कही। जिस पर बैंक ने रिप्लाई देते हुए कहा कि इन नंबर के तहत तो आपकी कोई FD बैंक के पास नहीं है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, Kotak Mahindra बैंक का रिप्लाई मिला तो नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया। नगर निगम के द्वारा एक जांच टीम का गठन हुआ। जिसमें अकाउंट अफसर, कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर शामिल रहे। जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार और बैंक को फिर से भेजा।

मिली जानकारी के अनुसार, बैंक कर्मियों ने फ्रॉड करते समय शातिर दिमाग का प्रयोग किया है। बैंक के रिन्युअल डॉक्यूमेंट हर बार नगर निगम को भेजे गए, जिससे कि अधिकारियों के ध्यान में ही मामला न आए। अधिकारी बिना अकाउंट चेक करवाए ही निश्चिंत रहे। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, बैंक में नगर निगम के द्वारा 2 खाते खुलवाए गए थे। इसके अलावा 2 अलग खाते उन्हीं डॉक्यूमेंट पर अलग से खोल दिए गए। उन खातों से बाद में अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी गई। बताया जा रहा है कि बैंक से जुड़ी एक महिला के खाते में भी बड़ी अमाउंट ट्रांसफर हुई है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, बैंक में FD की रकम हर बार रिन्यूअल हो रही थी, लेकिन कभी अधिकारियों ने उसकी जांच करना जरूरी नहीं समझा। अब भी जब रकम वापस लेने के लिए पत्र लिखा गया तो बैंक का कोई कर्मचारी पर्दा डालने की नीयत से निगम पहुंचा था। जिसने ऑफर दिया कि ज्यादा इंटरस्ट रेट के साथ फिर से FD करवा दी जाए। लेकिन इस बार नगर निगम के अधिकारी झांसे में नहीं आए। जिससे पूरे मामलो का खुलासा हो गया।