Haryana: हरियाणा में डी प्लान स्कीम क्रियान्वयन में रोहतक जिला रहा अव्वल, कुल आवंटित बजट का 99.65 प्रतिशत किया गया खर्च

 
Rohtak district topped in the implementation of the D Plan scheme in Haryana
रोहतक, 3 अप्रैल: उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2025-26 के अंतर्गत डी प्लान स्कीम में रोहतक जिला ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

सचिन गुप्ता ने बताया कि रोहतक जिला को कुल 16,74,38,000 रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी। उक्त बजट में से जिला के कुल 16,68,56,154 रुपये की ऑनलाइन व्यय किया गया है। 

उपायुक्त ने बताया कि रोहतक जिला ने कुल आवंटित बजट का 99.65 प्रतिशत व्यय करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले के सभी विभागों के समन्वित प्रयास, पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम है।  उपायुक्त ने इस सफलता का श्रेय सभी विभागों के समन्वित प्रयास, पारदर्शी कार्यप्रणाली, प्रभावी मॉनिटरिंग तथा अतिरिक्त उपायुक्त के कुशल मार्गदर्शन को दिया।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने विशेष रूप से अतिरिक्त उपायुक्त की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर फॉलो-अप, कड़ी निगरानी एवं विभागों के साथ सक्रिय समन्वय के माध्यम से धनराशि के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित किया गया। सचिन गुप्ता ने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां केवल टीमवर्क, जवाबदेही एवं मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व से ही संभव होती हैं।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शिता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। जिला प्रशासन आमजन के हित में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। डी-प्लान के तहत विभिन्न जिलों को विकास कार्यों के लिए समय-समय पर ग्रांट जारी की जाती है। यह योजना जिला प्रशासन को स्थानीय विकास कार्यों के लिए स्वायत्तता और निधि प्रदान करती है।

सचिन गुप्ता ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांव और शहर में सडक़, नालियां, खेल क्षेत्र, आंगनवाडी, स्कूलों व चौपाल आदि का निर्माण स्थानीय जरूरतों के अनुसार करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास कार्यों के लिए जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठक में कार्यों को मंजूरी मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रति वर्ष डिस्ट्रिक प्लान के तहत ग्रांट जारी की जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना जिलों को अपने क्षेत्र में प्राथमिकता वाले कार्यों को जल्दी पूरा करने में मदद करती है।